
उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी न होने से सूखी ठंड लोगों को खासा परेशान कर रही है। स्थिति यह है कि मैदानी इलाकों में कोहरा छाए रहने के कारण रातें पहाड़ों की तुलना में अधिक सर्द हो गई हैं। इसका असर तापमान के आंकड़ों में भी दिख रहा है, जहां पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर और मैदानों में सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। शुक्रवार को प्रदेशभर में दिन में चटक धूप रही, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
इस सर्दी के मौसम में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण वातावरण में नमी कम है। कोहरे की वजह से खासकर मैदानी इलाकों में ठंड अधिक महसूस की जा रही है। वहीं पहाड़ों में बादलों और धूप के मिश्रण से रात का तापमान अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। इसके उलट पर्वतीय इलाकों मुक्तेश्वर और नई टिहरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन में धूप राहत देती है, लेकिन शाम होते ही ठंड तेजी से बढ़ जाती है। मैदानी इलाकों के निवासियों ने बताया कि घने कोहरे के कारण रात में ठिठुरन ज्यादा महसूस हो रही है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
शनिवार को मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
विशेष रूप से 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं।
संख्या / तथ्य
देहरादून में अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार 21 जनवरी तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। तब तक बारिश और व्यापक बर्फबारी की संभावना कम जताई गई है, जबकि मैदानी इलाकों में कोहरे और सूखी ठंड का असर जारी रहने की उम्मीद है।







