
देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने रिवाइज्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत अपने अधिकारियों को रियल टाइम डेटा एक्विजिशन सिस्टम का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। इस सिस्टम से बिजली की निगरानी, वितरण गुणवत्ता, और तत्काल कार्रवाई में सुधार होगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य फील्ड अधिकारियों को इस तकनीक के जरिए बिजली व्यवस्था के संचालन और निगरानी में दक्ष बनाना था।
रियल टाइम डेटा सिस्टम: प्रमुख विशेषताएं
- तत्काल निगरानी: हर 11 केवी फीडर और उपसंस्थान (सबस्टेशन) पर करंट और वोल्टेज का डेटा रियल टाइम में उपलब्ध होगा।
- तुरंत अलर्ट: बिजली आपूर्ति में रुकावट होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा, जिससे अधिकारी त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे।
- आपूर्ति की जानकारी: सिस्टम हर फीडर पर दिनभर में बिजली की उपलब्धता का डेटा देगा, जिससे आपूर्ति की दक्षता बढ़ेगी।
- बेहतर निर्णय: डेटा आधारित विश्लेषण से यूपीसीएल को बिजली वितरण में सुधार के लिए सटीक फैसले लेने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण और कार्यान्वयन
- ऑनलाइन प्रशिक्षण: सभी मंडलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रशिक्षण से जुड़े।
- लॉगिन आईडी: प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों को लॉगिन आईडी प्रदान की गई, जिससे वे अपने क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जानकारी सिस्टम पर देख सकेंगे।
- तत्काल निर्णय: यह सिस्टम अधिकारियों को तुरंत निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा, जिससे बिजली बहाली में देरी कम होगी।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
- बिजली आपूर्ति में सुधार: रियल टाइम डेटा से बिजली कटौती की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।
- पारदर्शिता: डेटा आधारित निगरानी से उपभोक्ताओं को बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
- तकनीकी प्रगति: यह सिस्टम उत्तराखंड में बिजली वितरण प्रणाली को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक कदम है।




