
देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम ने त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसों के रूट बदलने की अनुमति दे दी है। अब अधिक यात्रियों वाले रूट पर बसों को डायवर्ट किया जा सकेगा, बशर्ते डिपो के केंद्र प्रभारी निगम मुख्यालय की आईटी टीम को आधे घंटे पहले सूचना दें। इस फैसले से देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, टनकपुर, रुद्रपुर जैसे मैदानी और पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय रूटों पर यात्रियों को राहत मिलेगी। निगम के पास 850 बसें हैं, और जल्द ही 200 नई बसें शामिल होने की उम्मीद है।
रूट बदलने की नई व्यवस्था
- लचीलापन: बसों का रूट यात्रियों की संख्या के आधार पर बदला जा सकेगा। उदाहरण के लिए:
- दिल्ली-देहरादून रूट की बस को अधिक यात्रियों के लिए वाया ऋषिकेश किया जा सकता है।
- रुद्रपुर डिपो की बस को वाया हल्द्वानी या टनकपुर डायवर्ट किया जा सकता है।
- सूचना प्रक्रिया: केंद्र प्रभारियों को रूट बदलने से पहले निगम की आईटी टीम को सूचित करना होगा, जो तुरंत रूट अपडेट करेगी।
- निर्देश: सभी 20 डिपो के केंद्र प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
महाप्रबंधक संचालन, क्रांति सिंह ने कहा:
“रोडवेज बसों का रूट सहूलियत के हिसाब से बदला जा सकेगा। केंद्र प्रभारियों को रूट बदलने से पहले मुख्यालय में सूचित करना होगा।”
त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग
- यात्रियों की संख्या में वृद्धि: त्योहारी सीजन में उत्तराखंड से दिल्ली और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। साथ ही दिल्ली से देहरादून, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, टनकपुर जैसे रूटों पर भी भीड़ बढ़ी है।
- लाभ: रूट डायवर्शन से यात्रियों को उनकी मंजिल तक जल्दी और सुविधाजनक पहुंच मिलेगी।
निगम की बसों की स्थिति
- वर्तमान बेड़ा: निगम के पास 850 बसें (निगम और अनुबंधित) हैं। पिछले साल तक यह संख्या 900 थी, लेकिन 50 बसें कंडम हो चुकी हैं।
- नीलामी की तैयारी: कई बसें अपना किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं और नीलाम की जाएंगी।
- नई बसें: अगले दो महीनों में 200 नई बसें निगम के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
- यात्री सुविधा: रूट बदलने की लचीलापन से त्योहारी सीजन में यात्रियों को समय और सुविधा मिलेगी।
- डिजिटल एकीकरण: आईटी टीम द्वारा रूट अपडेट से परिवहन प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
- प्रशासनिक सुधार: यह कदम निगम की सेवा गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि को बेहतर बनाने की दिशा में है।





