
देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम ने धनतेरस से छठ पूजा तक यात्रियों की सुविधा और निगम की आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं संचालित करने का फैसला किया है। महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने सभी मंडलीय प्रबंधकों और सहायक महाप्रबंधकों को इसके लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उठाया गया है।
अतिरिक्त बस सेवाओं की योजना
क्रांति सिंह ने आदेश जारी कर कहा कि शनिवार शाम से देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की, काशीपुर, रामनगर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, टनकपुर, और आईएसबीटी दिल्ली से लंबी दूरी और स्थानीय मार्गों पर पर्याप्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
- डिपो पर निगरानी: सभी प्रबंधक अपने डिपो पर मौजूद रहकर यात्रियों की संख्या के आधार पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराएंगे।
- तकनीकी कर्मचारी: प्रमुख मार्गों पर तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती होगी ताकि बसों में कोई खराबी न आए।
- बाइपास से बचाव: बसें बाइपास मार्ग से न चलकर हर डिपो पर रुकेंगी और यात्रियों को सुविधा देंगी। उल्लंघन करने वाले चालक या परिचालक पर कड़ी कार्रवाई होगी।
2024 की एक परिवहन रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल त्योहारी सीजन में उत्तराखंड परिवहन निगम ने 10 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दी थी, और इस साल यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
ऑनलाइन सेवाओं पर जोर
क्रांति सिंह ने निर्देश दिए कि ऑनलाइन बस सेवाएं किसी भी कारण से स्थगित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए बैकअप बसों की व्यवस्था पहले से की जाए। जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय यात्री रमेश नेगी ने कहा, “त्योहारों के समय बसों की कमी से परेशानी होती थी। अतिरिक्त बसों की व्यवस्था से अब यात्रा आसान होगी।”
त्योहारी सीजन की तैयारी
धनतेरस (19 अक्टूबर 2025) से छठ पूजा (26 अक्टूबर 2025) तक उत्तराखंड में यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। 2024 में इस दौरान देहरादून और हरिद्वार से दिल्ली, लखनऊ, और पटना जैसे मार्गों पर 30% अधिक यात्री देखे गए। निगम की यह पहल यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ आय बढ़ाने का भी लक्ष्य रखती है।
क्रांति सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित और समय पर सेवा देना है। सभी डिपो प्रबंधक यह सुनिश्चित करें कि कोई कमी न रहे।”
निगम की चुनौतियां
2024 की परिवहन रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन में बसों की कमी और तकनीकी खराबी के कारण 15% यात्रियों को असुविधा हुई थी। इस साल निगम ने इन समस्याओं से बचने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया गया है ताकि यात्री आसानी से टिकट बुक कर सकें।







