
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती (Silver Jubilee) पर इस बार जश्न का रंग कुछ खास होगा। पूरे प्रदेश में संस्कृति, कला और परंपराओं का संगम नजर आएगा। वहीं, विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार उत्तराखंड के सदन को संबोधित करेंगी, जो इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाएगा।
राज्य सरकार ने 11 दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों की सूची जारी कर दी है। सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि रजत जयंती के अवसर पर 1 नवंबर से 11 नवंबर तक अलग-अलग जिलों और केंद्रों में आयोजन किए जाएंगे, जिनमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मेलन, खेल प्रतियोगिताएं, युवाओं और प्रवासियों के सम्मेलन शामिल हैं।
रजत जयंती समारोह: दिनवार कार्यक्रम सूची
01 नवंबर:
- शाम को मुख्यमंत्री आवास में ईगास उत्सव।
- सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट में कॉमेडी फेस्ट का शुभारंभ।
02 नवंबर:
- पर्यटन विभाग द्वारा जौलीकॉंग और आदि कैलाश में अल्ट्रा मैराथन।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में कॉमेडी फेस्ट का कार्यक्रम।
03 नवंबर:
- राज्य विधानसभा का विशेष सत्र, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सदन को संबोधित करेंगी।
- शाम को कॉमेडी फेस्ट का समापन गढ़ी कैंट में।
04 नवंबर:
- विधानसभा विशेष सत्र का दूसरा दिन।
- काशीपुर में नगर निकायों के मेयर-अध्यक्षों का सम्मेलन।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक कार्यक्रम।
05 नवंबर:
- दून विश्वविद्यालय में प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन।
- हरिद्वार में खेल विभाग की हॉकी व पारंपरिक खेल चैंपियनशिप।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में कार्यक्रम।
06 नवंबर:
- हरिद्वार में संत सम्मेलन।
- आईटीआई निरंजनपुर में रोजगार मेला।
- परेड ग्राउंड में युवा महोत्सव।
- रामनगर में जन-वन उत्सव, हल्द्वानी में पूर्व सैनिक सम्मेलन।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक कार्यक्रम।
07 नवंबर:
- पंतनगर में कृषक सम्मेलन।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में कार्यक्रम।
08 नवंबर:
- तहसील और जनपद मुख्यालयों पर राज्य आंदोलनकारियों का सम्मेलन व सम्मान समारोह।
- हल्द्वानी में महिला सम्मेलन।
- शाम को गढ़ी कैंट में सांस्कृतिक कार्यक्रम।
09 नवंबर:
- पुलिस लाइन में रैतिक परेड।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में कार्यक्रम।
10 नवंबर:
- देहरादून में शीतकालीन पर्यटन से जुड़े हितधारकों का सम्मेलन।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में कार्यक्रम।
11 नवंबर:
- एफआरआई (Forest Research Institute) में मुख्य राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह।
- शाम को गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में समापन कार्यक्रम।
संस्कृति और परंपरा का संगम
इस बार के रजत जयंती समारोह में राज्य की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक वेशभूषा को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से स्थानीय कलाकार, स्वयं सहायता समूह और युवा संगठन भी इसमें भाग लेंगे।
सरकार की मंशा — “जनभागीदारी से मनाएं जयंती”
सचिव विनोद सुमन ने बताया कि सरकार चाहती है कि इस रजत जयंती वर्ष को “जनभागीदारी से जनउत्सव” के रूप में मनाया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सभी नागरिकों से उत्तराखंड की उपलब्धियों पर गर्व करने और भविष्य के विकास में योगदान देने की अपील की है।







