
देहरादून: समाज कल्याण विभाग की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में सामने आए फर्जीवाड़े पर शासन ने सख्त कदम उठाया है। 1377 अपात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। ये पूर्व कर्मचारी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बावजूद वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का लाभ ले रहे थे। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी किन स्तरों पर हुई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह मामला भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की डाटा विश्लेषण और क्रॉस-वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सामने आया। कैग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और सरकारी कर्मचारियों की पेंशन के डाटा का आधार नंबर के माध्यम से मिलान किया, जिसमें दोहरी पेंशन लेने वाले 1377 अपात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पहचान हुई। कैग ने तीन दिन पूर्व शासन को पत्र भेजकर जनपदवार सूची उपलब्ध कराई और सत्यापन के निर्देश दिए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पहले ही 93 मृत लाभार्थियों और 314 संदिग्ध मामलों की पेंशन रोकी जा चुकी थी। अब कैग की रिपोर्ट के बाद इनके साथ 1377 अपात्र लाभार्थियों को भी पेंशन वितरण से बाहर कर दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुवार को पुष्कर सिंह धामी द्वारा डीबीटी के माध्यम से जारी 9.47 लाख समाज कल्याण पेंशन लाभार्थियों की सूची में इन अपात्रों को शामिल नहीं किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस कार्रवाई से ईमानदार और पात्र लोगों को समय पर पेंशन मिलने का रास्ता साफ होगा। लोगों ने यह भी उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
आंकड़े और तथ्य
प्रारंभिक जांच में 93 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी थी।
314 मामलों में पेंशन संदिग्ध पाई गई।
कैग की रिपोर्ट के बाद 1377 अपात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी दोहरी पेंशन लेते पाए गए।
इन सभी को अब पेंशन वितरण से बाहर कर दिया गया है।
आगे क्या होगा
शासन ने जिलाधिकारियों को यह भी जांचने के निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद इन अपात्रों की पेंशन किन स्तरों पर स्वीकृत हुई। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शासन को भेजे जाएंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पात्रता परीक्षण, सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को और अधिक मजबूत व त्वरित बनाया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता और निर्बाध रूप से पहुंच सके।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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