
देहरादून। गोवा में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद उत्तराखंड पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। डीजीपी दीपम सेठ ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि राज्य के सभी पब, बार, कैफे, होटल, इवेंट वेन्यू, मॉल और भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों का फायर सेफ्टी ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को समन्वय बनाकर व्यापक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गोवा के एक पब में लगी आग में कई लोगों की मौत के बाद देशभर में सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ी है। उत्तराखंड में देहरादून, मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों पर दिसंबर के आखिरी सप्ताह में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में किसी भी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना की आशंका रहती है। इसी कारण डीजीपी ने प्रदेश में सभी ऐसे प्रतिष्ठानों का व्यापक फायर ऑडिट अनिवार्य कर दिया है, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
आधिकारिक जानकारी
डीजीपी दीपम सेठ ने उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि सभी जिलों में कैफे, पब, बार, होटल, मॉल, बैंक्वेट हॉल और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और कार्यक्षमता की गहन जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां कर्मचारियों को फायर उपकरणों का उपयोग नहीं आता, वहां तुरंत प्रशिक्षण दिया जाए।
सार्वजनिक क्षेत्रों में स्थापित फायर हाईड्रेंट को पूरी तरह क्रियाशील रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा सभी प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास मार्ग पर कोई अवरोध न हो, इसकी भी जांच की जाएगी। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने से सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। कई स्थानों पर संचालकों ने कहा कि वे पहले से ही सुरक्षा व्यवस्थाएं मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि कुछ प्रतिष्ठान यह तैयारी तेज़ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी जांच समय-समय पर होनी चाहिए, ताकि हादसों को रोका जा सके।
विशेषज्ञ टिप्पणी
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाओं में जोखिम दोगुना होता है, क्योंकि यहां सड़कें संकरी हैं और राहत पहुंचने में देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि पब और बार जैसी जगहों पर भीड़ अधिक होने से आकस्मिक आग बड़ी आपदा में बदल सकती है। इसलिए प्रशासन का यह कदम समयानुकूल है।
आंकड़े / तथ्य
प्रदेश में सर्दियों के दौरान देहरादून, नैनीताल और मसूरी में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। पिछले वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में इन शहरों में होटल ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई थी। इसी अनुपात में पब, कैफे, बैंक्वेट हॉल और इवेंट वेन्यू में भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में फायर सेफ्टी ऑडिट को अनिवार्य बनाना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या?
डीजीपी ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फायर सेफ्टी ऑडिट के साथ-साथ शीतकालीन चारधाम यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण को भी सुदृढ़ किया जाए। गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, एनडीपीएस मामलों के निस्तारण और गैंगस्टर एक्ट के तहत अवैध संपत्ति कुर्की पर भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा गया है।






