
देहरादून: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इस वर्ष 2.15 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षाओं को नकल विहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए परिषद ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा केंद्रों की संवेदनशीलता तय करने से लेकर मूल्यांकन तक की प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सेमल्टी के अनुसार, वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए हाईस्कूल में 1,12,266 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 1,10,544 संस्थागत और 1,722 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं।
इंटरमीडिएट में 1,02,986 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे, जिनमें 99,349 संस्थागत और 3,637 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इस प्रकार कुल परीक्षार्थियों की संख्या 2,15,252 है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट—दोनों कक्षाओं के संस्थागत व व्यक्तिगत आवेदन पत्रों का संकलन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया गया है। साथ ही सभी विषयों के आंतरिक मूल्यांकन, प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक भी ऑनलाइन ही संकलित किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि एकल पाली में परीक्षा होने से छात्रों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। वहीं कड़े इंतजामों से परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आंकड़े और तथ्य
प्रदेशभर में बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र शामिल हैं। इस वर्ष 24 नए परीक्षा केंद्र भी जोड़े गए हैं।
परीक्षा व्यवस्था की दृष्टि से 156 केंद्र संवेदनशील और 6 केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। टिहरी गढ़वाल में सबसे अधिक 136 परीक्षा केंद्र, जबकि चंपावत में सबसे कम 44 केंद्र बनाए गए हैं।
आगे क्या होगा
प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेंगी। इसके बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक एकल पाली में आयोजित होंगी। सभी लिखित परीक्षाएं प्रातः 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक होंगी।
उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए 39 संकलन केंद्र और मूल्यांकन के लिए 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही राज्य, मंडल और जनपद स्तर पर सचल दल गठित कर निरंतर निगरानी की जाएगी।







