
देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में अधिशासी अभियंता के रिक्त पदों पर वर्षों से लंबित पदोन्नति और अन्य मांगों के निस्तारण न होने से नाराज इंजीनियरों का आंदोलन तेज हो गया है। उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सोमवार को यूपीसीएल मुख्यालय पर गेट मीटिंग कर विरोध जताया। एसोसिएशन ने पूर्व में दिए गए नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि प्रबंधन के आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विरोध के अगले चरण में मंगलवार को मुख्यालय में विरोध सभा आयोजित की जाएगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
एसोसिएशन के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बाद जारी अंतिम वरिष्ठता सूची पर कोई स्थगन आदेश नहीं है। पदोन्नत सहायक अभियंता की ओर से दायर अवमानना याचिका भी 3 जनवरी को खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। इंजीनियरों का कहना है कि वर्षों से लंबित मामलों ने कार्यबल पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
सोमवार की गेट मीटिंग की अध्यक्षता अधीक्षण अभियंता नवीन मिश्रा ने की।
एसोसिएशन के महासचिव राहुल चानना ने कहा कि प्रबंधन हर वार्ता में अवमानना याचिका खारिज होने के बाद शीघ्र पदोन्नति का आश्वासन देता रहा, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ।
एसोसिएशन अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर ने बताया कि अंतिम वरिष्ठता सूची के बाद भी पात्र सहायक अभियंता 16 वर्षों से अपनी पहली पदोन्नति से वंचित हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
इंजीनियरों का कहना है कि पदोन्नति न होने से दोहरा कार्यभार संभालना पड़ रहा है, जिससे कार्यकुशलता प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों ने चेताया कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आंकड़े और तथ्य
यूपीसीएल में अधिशासी अभियंता के 93 स्वीकृत पदों में से 40 पद रिक्त हैं। रिक्तियों के कारण कई अनुभागों में एक ही अधिकारी पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है।
आगे क्या होगा
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि रिक्त पदों पर पदोन्नति होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को यूपीसीएल मुख्यालय में विरोध सभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com






