
देहरादून: उत्तराखंड शासन ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार में अध्यक्ष और तीन सदस्यों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। शासन की ओर से जारी अधिसूचना में आयोग की संरचना, पात्रता शर्तें और सेवा अवधि को स्पष्ट किया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया आयोग के कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने और लंबित दायित्वों को समय पर पूरा करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में लंबे समय से अध्यक्ष और सदस्यों के कुछ पद रिक्त चल रहे थे। इन पदों के खाली रहने से भर्ती परीक्षाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में शासन द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू किया जाना आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
सचिव कार्मिक शैलेश बगौली द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आयोग में अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्यों में से लगभग आधे सदस्य ऐसे होंगे, जिन्होंने भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन न्यूनतम दस वर्षों तक पद धारण किया हो। इसके अलावा अध्यक्ष सहित कम से कम तीन सदस्यों के पास केंद्र या राज्य सरकार में श्रेणी-क अधिकारी के रूप में सेवा का अनुभव होना अनिवार्य होगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रशासनिक मामलों पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि आयोग में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से परीक्षाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता बेहतर होगी। अभ्यर्थियों को भी इससे भर्ती प्रक्रियाओं में स्थिरता की उम्मीद है।
आंकड़े / तथ्य
अधिसूचना के अनुसार, आवेदन पत्र स्पीड पोस्ट, पंजीकृत डाक या कूरियर के माध्यम से सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, उत्तराखंड शासन को भेजना होगा। आवेदन 22 जनवरी 2026 की शाम 6 बजे तक पहुंच जाना अनिवार्य है। नियुक्ति के बाद आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो पहले हो) तक पद पर बने रहेंगे।
आगे क्या होगा
आवेदन की अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी। पात्र अभ्यर्थियों के चयन के बाद आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे आयोग के लंबित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।






