
विकासनगर: देहरादून जिले की त्यूणी तहसील में शनिवार रात एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई। भूठ गांव में राजकीय हाईस्कूल के एक कमरे में दो सगे भाइयों समेत तीन राज मिस्त्री मृत पाए गए। कमरे में एलपीजी गैस रिसाव की तेज गंध मिलने से आशंका जताई जा रही है कि दम घुटने से उनकी मौत हुई होगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
त्यूणी क्षेत्र के कई गांवों में निर्माण कार्यों के लिए बाहरी मजदूर और राज मिस्त्री लंबे समय तक रहकर काम करते हैं। मृत पाए गए तीनों युवक भी कई दिनों से भूठ गांव में मकान निर्माण और मरम्मत का कार्य कर रहे थे। घटना ने स्थानीय क्षेत्र में भय और दुख दोनों पैदा कर दिए हैं।
अधिकारिक जानकारी
नायब तहसीलदार सरदार सिंह ने बताया कि 7 दिसंबर की सुबह सूचना मिली कि स्कूल भवन के पास बने एक कमरे में रहने वाले तीन राज मिस्त्री दरवाजा नहीं खोल रहे थे। भीतर से गैस की गंध आ रही थी। टीम मौके पर पहुंची और खिड़की खोलकर अंदर देखा तो तीनों व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। जांच में पुष्टि हुई कि तीनों की मौत हो चुकी थी।
उन्होंने बताया कि शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूणी भेजा गया है। राजस्व पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण गैस रिसाव माना है, लेकिन अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांव के निवासियों का कहना है कि तीनों युवक मेहनती और शांत स्वभाव के थे। लोग बताते हैं कि ठंड के मौसम में छोटे कमरों में गैस चलाने या हीटिंग के कारण हादसे का खतरा बढ़ जाता है। गांव में इस घटना के बाद माहौल दुखद और चिंताजनक बना हुआ है।
मृतकों की पहचान
- संदीप (25 वर्ष), पुत्र जमन सिंह, ग्राम पट्यूड
- प्रकाश (35 वर्ष), पुत्र केवल राम, ग्राम डिरनाड
- संजय (28 वर्ष), पुत्र केवल राम, ग्राम डिरनाड
तीनों त्यूणी क्षेत्र के निवासी थे और राज मिस्त्री का काम कर रहे थे।
आगे क्या?
राजस्व पुलिस ने मामला उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने मजदूरों के लिए सुरक्षित आवास और गैस उपकरण की सावधानी पर भी ध्यान देने की बात कही है।





