
टिहरी: एशिया के सबसे बड़े बांधों में शुमार टिहरी झील के किनारे कोटी कॉलोनी में आयोजित एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल एसआईवी चैंपियनशिप 2026 के दौरान गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के दौरान दो पैराग्लाइडर अनियंत्रित होकर सीधे टिहरी झील में जा गिरे। सौभाग्य से झील में पहले से तैनात राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की विशेष रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कोटी कॉलोनी, टिहरी झील के तट पर इन दिनों अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2026 और नेशनल एसआईवी चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। सुरक्षा को देखते हुए प्रतापनगर क्षेत्र और झील में एसडीआरएफ की विशेष रेस्क्यू टीमें पहले से तैनात की गई हैं।
घटना का विवरण
29 जनवरी को आयोजित पैराग्लाइडिंग सत्र के दौरान मौसम और तकनीकी कारणों से दो पैराग्लाइडर संतुलन खो बैठे और झील में गिर गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमों को अलर्ट किया गया।
एसडीआरएफ का त्वरित रेस्क्यू
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम बिना समय गंवाए झील में पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही देर में दोनों पायलटों को सुरक्षित झील से बाहर निकाल लिया गया। प्राथमिक जांच में दोनों पूरी तरह सुरक्षित पाए गए, जिन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।
पहले भी हो चुका है हादसा
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में टिहरी में आयोजित एक्रो पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप के दौरान भी हादसा सामने आया था। उस समय एक एक्रो पायलट टेकऑफ प्वाइंट प्रतापनगर पर संतुलन बिगड़ने से गिरकर घायल हो गया था, जिसे एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की मौजूदगी
टिहरी झील के तट पर चल रहे इस अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2026 में 11 देशों के 57 प्रतिभागी शामिल हैं। कार्यक्रम में पैराग्लाइडिंग के साथ-साथ एरियल सिल्क, एरियल हूप, स्लैकलाइन और अन्य साहसिक एक्रोबेटिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
आयोजकों के अनुसार सुरक्षा प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा की जा रही है। आगामी गतिविधियों में मौसम और तकनीकी मानकों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी ताकि किसी भी संभावित जोखिम को रोका जा सके।







