
हरिद्वार: भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े वायरल ऑडियो के बाद पहले ही हरिद्वार और देहरादून में चार मुकदमों का सामना कर रहे सुरेश राठौर के खिलाफ अब हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी से जुड़ा है, जिसे अदालत के आदेश पर दर्ज किया गया है। नए मुकदमे के बाद राठौर के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और बढ़ गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और गहरी होती नजर आ रही हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद सामने आए कथित ऑडियो प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था को हिला दिया था। इसी मामले में वीआईपी कंट्रोवर्सी के चलते सुरेश राठौर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। पहले से दर्ज मुकदमों में उन्हें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक मिली हुई है, लेकिन नए मामलों के सामने आने से जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि अदालत के आदेश पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। लोगों का मानना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आंकड़े / तथ्य
सुरेश राठौर के खिलाफ अब तक हरिद्वार जिले में 3 और देहरादून में 1 मुकदमा दर्ज हो चुका है। पहले दर्ज 4 मामलों में हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। नया मुकदमा कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली में दर्ज किया गया है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, नए मुकदमे की जांच के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही, गाड़ी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। उधर, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही इस प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में सुरेश राठौर से जुड़े मामलों पर और असर पड़ सकता है।







