
रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की कोर्ट में शुक्रवार, 16 जनवरी को उस समय हड़कंप मच गया, जब सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद एक दोषी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। दोषी की फरारी से न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जानकारी के अनुसार, पिरान कलियर थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव निवासी नीरज गोस्वामी पुत्र महेश गोस्वामी लंबे समय से रुड़की कोर्ट में एक मामले का सामना कर रहा था। यह वाद परिवाद संख्या 2706/2023 के तहत धारा 138 एनआई एक्ट से जुड़ा हुआ था, जिसमें शुक्रवार को सजा का ऐलान होना था।
आधिकारिक जानकारी
सुनवाई के दौरान अदालत ने नीरज गोस्वामी को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। बताया गया कि सजा सुनाए जाने के कुछ ही समय बाद आरोपी कोर्ट मुहर्रिर की कस्टडी से निकलकर फरार हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद पुलिस और कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिल पाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू कर दी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से न्यायिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कुछ लोगों ने चिंता जताई कि यदि सजा पाए दोषी इस तरह फरार हो जाएं, तो कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।
पुलिस का पक्ष
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया, “मामला संज्ञान में आया है। फरार दोषी की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच की जा रही है कि आरोपी अदालत परिसर से किस तरह फरार हुआ।
संख्या / तथ्य
मामला धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित है। दोषी को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। घटना 16 जनवरी को रुड़की कोर्ट परिसर में हुई।
आगे क्या होगा
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी है। साथ ही कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







