
देहरादून: देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड रोड अब हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। लंबे समय से चल रही कवायद के बाद परियोजना के अलाइनमेंट और डिजाइन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले इसे 40 किमी प्रति घंटे की न्यूनतम गति के आधार पर तैयार किया जा रहा था, लेकिन एनएचएआई की आपत्तियों के बाद नए सिरे से डिजाइन तैयार किया गया है। संशोधित डिजाइन के तहत बिंदाल एलिवेटेड रोड पर न्यूनतम गति 50 किमी प्रति घंटे और रिस्पना एलिवेटेड रोड पर 80 किमी प्रति घंटे तय की गई है। इस बदलाव का उद्देश्य बढ़ते ट्रैफिक दबाव को सुरक्षित और सुचारु ढंग से संभालना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को देहरादून की यातायात समस्या के स्थायी समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। पहले तैयार किए गए डिजाइन में अधिक घुमाव होने के कारण सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे। एनएचएआई ने इन घुमावों पर दुर्घटनाओं की आशंका जताते हुए डिजाइन में संशोधन की जरूरत बताई थी, जिसके बाद परियोजना को दोबारा समीक्षा में लिया गया।
आधिकारिक जानकारी
लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई ने संयुक्त रूप से एलिवेटेड रोड का नया अलाइनमेंट तैयार कर केंद्र को भेज दिया है। चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग राजेश शर्मा के अनुसार, एलिवेटेड रोड के डिजाइन में बदलाव कर न्यूनतम गति के मानक भी नए सिरे से तय किए गए हैं। अब यह परियोजना हाई-स्पीड ट्रैफिक के अनुरूप तैयार की जाएगी।
डिजाइन में क्या बदला
पुराने डिजाइन में कई स्थानों पर तीखे घुमाव थे, जहां वाहनों की गति 20 से 30 किमी प्रति घंटे निर्धारित थी। एनएचएआई का मानना था कि व्यवहार में चालक गति कम नहीं करते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसी कारण घुमावों की चौड़ाई बढ़ाई गई और कई हिस्सों में रोड का अलाइनमेंट बदला गया है। इससे ब्रेक लगाने, अचानक लेन बदलने और टकराव की संभावनाएं कम होंगी।
आंकड़े / तथ्य
करीब 6200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत रिस्पना–बिंदाल नदी के किनारे लगभग 25 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जानी है। भूमि अधिग्रहण और डिजाइन तैयार करने का कार्य लोक निर्माण विभाग ने किया है, जबकि निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा किया जाएगा।
आगे क्या होगा
नया डिजाइन केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया को गति दी जाएगी। हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित होने के बाद यह एलिवेटेड रोड देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।




