
ऋषिकेश में वन विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने कड़ी नाराजगी जताई है। सोमवार को आयोजित बैठक में व्यापार मंडल ने इसे एक गंभीर मानवीय संकट बताते हुए सरकार से कानूनी और प्रशासनिक समाधान निकालने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है और यदि समय रहते संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई, तो इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम सामने आ सकते हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के चलते ऋषिकेश के कई क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में परिवार इस कार्रवाई से प्रभावित बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में व्यापारिक संगठनों ने भी खुलकर अपना पक्ष रखना शुरू कर दिया है।
बैठक में क्या कहा गया
रेलवे मार्ग स्थित एक प्रतिष्ठान में आयोजित नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की बैठक में अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि व्यापार मंडल प्रभावित ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों की पीड़ा को पूरी तरह समझता है और उनके साथ तन, मन और धन से खड़ा है।
पूर्व उदाहरणों का हवाला
ललित मोहन मिश्र ने कहा कि पूर्व में टिहरी विस्थापितों को जिस भूमि पर बसाया गया था, वह भी वन विभाग की भूमि थी, लेकिन सरकार ने इच्छाशक्ति दिखाते हुए विधिवत तरीके से उस भूमि का आवंटन किया। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वर्तमान मामले में भी सरकार चाहे तो कानूनी और प्रशासनिक रास्ता निकालकर समाधान संभव है।
मानवीय संकट का मुद्दा
व्यापार मंडल ने कहा कि यह केवल कानूनी मामला नहीं, बल्कि मानवता से जुड़ा गंभीर विषय है। इस पूरे मुद्दे से करीब 35 से 40 हजार लोगों का जीवन, आजीविका और भविष्य जुड़ा हुआ है। यदि समाधान नहीं निकाला गया, तो हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और सामाजिक ढांचा प्रभावित होगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी तरह के टकराव से बचते हुए शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।
लोगों की मांग है कि सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी पक्षों को विश्वास में लेकर आगे बढ़े।
आगे क्या होगा
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार की ओर से संवाद और समाधान की पहल नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। फिलहाल संगठन ने शांतिपूर्ण तरीके से कानूनी और प्रशासनिक समाधान निकालने पर जोर दिया है।






