
ऋषिकेश में प्रशासन, पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और वन विभाग के कर्मचारियों पर हुई पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में आरोपियों की पहचान के लिए ऋषिकेश पुलिस ने पत्थरबाजों के फोटो और वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इन वीडियो और तस्वीरों में दिखने वाले लोग कहीं नजर आएं, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को जल्द पकड़ने के लिए उठाया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल ही में ऋषिकेश क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध हिंसक हो गया था। इस दौरान प्रशासनिक अमले और सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए तकनीकी और दृश्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
क्या कदम उठाए पुलिस ने
ऋषिकेश पुलिस ने पत्थरबाजी में शामिल लोगों के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जारी किए हैं। इन दृश्य सामग्रियों में हाथों में पत्थर लिए हुए संदिग्ध लोग दिखाई दे रहे हैं, जिनकी पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जारी किए गए फोटो और वीडियो में दिखने वाले व्यक्तियों के बारे में कोई भी सूचना सीधे ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को सरकारी नंबर पर दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा और पथराव की घटनाओं से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कई नागरिकों ने उम्मीद जताई कि दोषियों की पहचान होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका
इस मामले में प्रशासन के साथ पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और वन विभाग के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से स्थिति संभाली थी। पथराव की घटना को गंभीर मानते हुए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ कार्रवाई कर रही हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि जनता से मिलने वाली सूचनाओं और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





