
ऋषिकेश: ऋषिकेश–देहरादून मार्ग पर सात मोड़ के पास बरसात में टूटा पुश्ता छह महीने बाद भी नहीं बन पाया है। लोक निर्माण विभाग ऋषिकेश ने स्थायी निर्माण के बजाय टूटे हिस्से के ऊपर केवल टिनशेड लगाकर काम चलाया हुआ है। इस व्यस्त मार्ग पर हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रविवार रात इस टूटे पुश्ते के ऊपर से मुख्यमंत्री का काफिला भी गुजर गया, जिससे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अगस्त माह में बरसात के दौरान ऋषिकेश–देहरादून रोड पर बड़कोट बैंड से पहले सात मोड़ पर पुश्ता टूट गया था। इसके बाद से यह मार्ग अस्थायी इंतजामों के भरोसे चल रहा है। यह सड़क स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभागीय इंजीनियरों, अधिकारियों और जिलों के प्रशासनिक अफसरों की नियमित आवाजाही का रास्ता है।
मौके की स्थिति
टूटे पुश्ते पर टिनशेड लगाकर रास्ता खुला रखा गया है, लेकिन स्थायी सुरक्षा नहीं की गई। रात के समय दृश्यता कम होने पर खतरा और बढ़ जाता है। रविवार रात करीब नौ बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला इसी मार्ग से गुजरा, जब वे श्री भरत मंदिर समिति की ओर से आयोजित वसंतोत्सव की भजन संध्या में शामिल होकर लौट रहे थे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से पुश्ता निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक स्थान की समस्या नहीं, बल्कि पूरे मार्ग पर सुरक्षा की अनदेखी का उदाहरण है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
ऋषिकेश से बड़कोट बैंड तक करीब 10 किलोमीटर का यह हिस्सा जोखिम भरा बताया जा रहा है। सड़क ऊंची हो चुकी है, जबकि पैराफिट नीचे हैं। कई जगह रोड किनारे साइनबोर्ड गायब हैं और डिवाइडरों के बीच लगे रिफ्लेक्टर पोल फीके पड़ चुके हैं, जिससे रात में वाहन चालकों को परेशानी होती है।
आधिकारिक जानकारी
लोनिवि ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता बीएन द्विवेदी ने बताया कि सात मोड़ पर पुश्ता लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन बजट उपलब्ध न होने के कारण निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग को एनएचएआई को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है, इसी वजह से भी टूटे पुश्ते का स्थायी निर्माण नहीं हो पाया है।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बजट और हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही स्थायी समाधान निकलेगा। फिलहाल, सुरक्षा के लिहाज से अस्थायी इंतजामों पर निर्भरता बनी हुई है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।







