
ऋषिकेश: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बृहस्पतिवार को सख्त कार्रवाई करते हुए पशुलोक क्षेत्र में निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन को दोबारा सील कर दिया। वहीं खैरीकलां (श्यामपुर) और रायवाला क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना स्वीकृति निर्माण और अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी क्रम में एमडीडीए ने निरीक्षण अभियान तेज किया है। पूर्व में भी कई निर्माणों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
पशुलोक में दोबारा सीलिंग
एमडीडीए के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज ने बताया कि निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक क्षेत्र में 30 अगस्त को अवैध रूप से बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को पहले भी सील किया गया था। 4 फरवरी को दोबारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सील के बावजूद चोरी-छिपे निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके बाद बृहस्पतिवार को उक्त भवन को पुनः सील कर दिया गया। बताया गया कि भवन का निर्माण रवि नामक व्यक्ति द्वारा कराया जा रहा था।
खैरीकलां और रायवाला में प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण के अनुसार, खैरीकलां श्यामपुर में सुनील रावत द्वारा लगभग पांच बीघा क्षेत्र में और रायवाला में संदीप सिंह द्वारा भी करीब पांच बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की गई थी। दोनों को पूर्व में नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अवैध प्लॉटिंग हटाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश का पालन न करने पर बृहस्पतिवार को दोनों स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनवरी में भी हुई थी कार्रवाई
सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज ने बताया कि जनवरी माह में वीरभद्र क्षेत्र में एक निर्माणाधीन अवैध भवन को ध्वस्त किया गया था। इसके अलावा विस्थापित और बनखंडी क्षेत्र में भी अवैध प्लॉटों को हटाया गया। वर्तमान में 10 से अधिक अवैध निर्माण सीलिंग की कार्रवाई के लिए चिह्नित किए गए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध निर्माणों से क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं और यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। कुछ लोगों ने मांग की कि नियमित निगरानी से भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
आगे क्या होगा
एमडीडीए के अनुसार, जिन निर्माणों को चिह्नित किया गया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित अनुमति अवश्य प्राप्त करें।
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