
ऋषिकेश में साहस और सेवा भावना की मिसाल पेश करने वाले युवा कल्याण विभाग के गाइड विपिन शर्मा को गोल मार्केट मॉर्निंग परिवार ने सम्मानित किया। गंगा में डूबते गुड़गांव के एक पर्यटक की जान बचाने पर यह सम्मान दिया गया। बुधवार को गोल मार्केट में आयोजित समारोह में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने विपिन शर्मा की तत्परता और बहादुरी की सराहना की। यह घटना न केवल एक जान बचाने का उदाहरण है, बल्कि आपदा के समय प्रशिक्षित मानव संसाधन की अहमियत को भी रेखांकित करती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
तीन दिन पूर्व विपिन शर्मा अपने अधीनस्थों को युसूफ बीच क्षेत्र में प्रशिक्षण दे रहे थे। इसी दौरान गंगा में नहाते समय गुड़गांव का एक पर्यटक डूबने लगा। स्थिति भांपते ही विपिन शर्मा ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू किया और पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
गंगा जैसे तेज प्रवाह वाले नदी क्षेत्र में त्वरित रेस्क्यू से जीवन बचना प्रशिक्षण, अनुभव और साहस का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ऐसे उदाहरण स्थानीय प्रशासन, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रेरणादायक हैं, खासकर पर्यटक सीजन के दौरान।
पहले की घटनाओं का उल्लेख
विपिन शर्मा का सेवा रिकॉर्ड पहले भी सराहा जा चुका है। उन्होंने वर्ष 2014 की केदारनाथ आपदा के दौरान सरकार और पुलिस का सहयोग किया था, जिसके लिए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।
आधिकारिक जानकारी
सम्मान समारोह में मॉर्निंग परिवार के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने बताया कि विपिन शर्मा युवा कल्याण विभाग में मुख्य गाइड के रूप में कार्यरत हैं और नियमित रूप से प्रशिक्षण व रेस्क्यू गतिविधियों में योगदान देते हैं। समारोह में यह भी कहा गया कि प्रदेश सरकार को विपिन शर्मा को बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करना चाहिए और केंद्र सरकार के स्तर पर भी उनका नाम बहादुरी पुरस्कार के लिए भेजा जाना चाहिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि ऐसे साहसी कार्य समाज में भरोसा और सुरक्षा की भावना बढ़ाते हैं। उन्होंने विपिन शर्मा के कार्य को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
आंकड़े / डेटा
रेस्क्यू के दौरान एक पर्यटक की जान बचाई गई। यह घटना प्रशिक्षण सत्र के समय हुई, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकी।
आगे क्या होगा
सम्मान के बाद नागरिक संगठनों ने राज्य और केंद्र स्तर पर औपचारिक अनुशंसा भेजने की पहल की बात कही है। उम्मीद है कि प्रशासन स्तर पर इस बहादुरी को औपचारिक मान्यता मिलेगी।







