
ऋषिकेश: ऋषिकेश रेंज के अंतर्गत अमित ग्राम स्थित वन भूमि क्षेत्र में बुधवार को वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। वन विभाग की टीम खाली पड़े बड़े भूमि प्लॉटों पर तारबाड़ करने पहुंची, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी भी तैनात रहे। इस दौरान कुछ प्लॉट स्वामियों ने विभागीय कार्रवाई पर आपत्ति जताई, वहीं विरोध करने वाले तीन लोगों को पुलिस बलपूर्वक हटाकर ले गई। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में तारबाड़ की कार्रवाई जारी रही। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में चल रही वन भूमि संरक्षण प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 26 से 28 दिसंबर 2025 के बीच ऋषिकेश रेंज के अंतर्गत नगर निगम ऋषिकेश के कई वार्डों में खाली पड़ी भूमि की नपाई और कब्जों की जांच की गई थी। इस कार्रवाई के बाद अब चिन्हित वन भूमि पर स्थायी घेराबंदी कर उसे सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि भविष्य में अवैध कब्जों की संभावना रोकी जा सके।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग ने सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायरकर्ता विनीता कंडवाल के खाली पड़े प्लॉट पर तारबाड़ शुरू की। ऋषिकेश रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गंभीर सिंह धमांदा ने बताया कि पहले चरण में एक बीघा वाले बड़े प्लॉटों पर तारबाड़ की जाएगी। इसके बाद आधा बीघा वाले प्लॉटों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय स्तर पर कुछ प्लॉट स्वामियों ने वन विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि वे अपने दस्तावेजों के आधार पर दावा कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्र के अन्य लोगों का कहना है कि वन भूमि की सुरक्षा जरूरी है और स्पष्ट सीमांकन से भविष्य में विवाद कम होंगे।
आंकड़े / तथ्य
इस चरण में पहले एक बीघा आकार के प्लॉटों पर तारबाड़ की जा रही है। कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे तीन लोगों को पुलिस द्वारा हटाया गया। पूर्व में 26 से 28 दिसंबर 2025 के बीच भूमि की नपाई और कब्जा जांच की जा चुकी है।
आगे क्या होगा
वन विभाग के अनुसार, बड़े प्लॉटों की घेराबंदी पूरी होने के बाद छोटे आकार की भूमि पर भी तारबाड़ की जाएगी। विभाग का कहना है कि चिन्हित वन भूमि को सुरक्षित रखने के लिए आगे भी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अवैध कब्जों को रोका जा सके।






