
रानीपोखरी: रानीपोखरी के लिष्ट्राबाद क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर प्रधान संगठन और ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास के बाद भी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में प्रगति नहीं होने से क्षेत्र में रोष है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूर्व में भाजपा सरकार के दौरान राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया था। वर्तमान में भी प्रदेश में भाजपा की सरकार है, इसके बावजूद परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान और भाजपा किसान मोर्चा सहसंयोजक अरुण शर्मा ने कहा कि शिलान्यास के बाद कार्य को लंबित रखना उचित नहीं है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के युवाओं को मिलने वाले शैक्षणिक अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
विभिन्न संगठनों का समर्थन
धरने को कांग्रेस और पेंशनर्स संगठन के सदस्यों ने भी समर्थन दिया। पेंशनर्स संगठन अध्यक्ष धर्म सिंह कृषाली और वीरेंद्र कृषाली ने कहा कि विधि विश्वविद्यालय खुलने से न केवल रानीपोखरी बल्कि पूरे प्रदेश के छात्रों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना से रोजगार और विकास के अवसर बढ़ेंगे। कई लोगों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
आगे क्या होगा
आंदोलनकारी आगामी दिनों में प्रशासन से वार्ता की मांग कर रहे हैं। यदि सकारात्मक पहल नहीं होती है तो धरना जारी रखने और आगे की रणनीति बनाने की बात कही जा रही है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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