
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र में वन विभाग जल्द ही रिजर्व फॉरेस्ट भूमि से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में बड़े स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। आने वाले एक-दो दिनों में करीब 90 परिवारों पर कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
तराई पश्चिम रामनगर क्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा विवाद का विषय रहा है। अपर कोसी ब्लॉक में 170 परिवारों को बेदखली के आदेश जारी किए गए थे, जिनमें से कई परिवार पहले ही स्थान खाली कर चुके हैं। अब शेष 90 परिवारों पर कार्रवाई तय है। वन विभाग का कहना है कि यह भूमि रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आती है और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कानूनन मान्य नहीं है।
आधिकारिक जानकारी
नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे क्षेत्र को पांच सुपर जोन में विभाजित किया गया है और सुरक्षा इन जोनों के अनुसार तैनात की गई है।
अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा कर रहे हैं और सह प्रभारी के रूप में पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल को जिम्मेदारी दी गई है।
क्षेत्राधिकारी लालकुआं दीप शिखा अग्रवाल, क्षेत्राधिकारी रामनगर सुमित पांडे, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार और क्षेत्राधिकारी नैनीताल रविकांत सेमवाल को अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यातायात प्रबंधन निरीक्षक वेद प्रकाश भट्ट के पास है।
सुरक्षा तैयारी
पूरी कार्रवाई के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें शामिल हैं:
ASP – 3
सीओ – 3
इंस्पेक्टर/एसओ – 8
एएसआई – 55
हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल – 171
फायर यूनिट – 4
SDRF – 3 यूनिट
ड्रोन – 2
बैरियर – 100
प्रिजन वैन – 3
PAC – 8 प्लाटून
ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी से निगरानी लगातार जारी है। कुछ लोगों के खिलाफ प्रीवेंटिव डिटेंशन भी किया गया है। प्रभारी निरीक्षक सुशील जोशी को मौके पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग का रुख
डीएफओ प्रकाश आर्य ने बताया कि पहले चरण में लगभग 20 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी। इसके अलावा पालिका क्षेत्र से सटे ग्राउंड की एक हेक्टेयर जमीन से भी 3–4 परिवारों को हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बेदखली आदेशों में कई परिवार न्यायालय चले गए हैं, लेकिन शेष परिवारों पर कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्षेत्र में रहने वाले कुछ परिवारों ने चिंता व्यक्त की कि अचानक कार्रवाई से उनके निवास और जीवनयापन पर गहरा असर पड़ेगा। वहीं कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अतिक्रमण से पर्यावरण और वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, इसलिए वन भूमि को मुक्त कराना आवश्यक है।
आगे क्या
पुलिस और वन विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर दिया गया है। आने वाले दो दिनों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी अवरोध को सख्ती से निपटाया जाएगा।






