
रायवाला / देहरादून: कछुआ तस्करी के एक मामले में अदालत से महिला आरोपी को राहत मिली है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर ने महिला आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं। सुनवाई के दौरान पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि आरोपी महिला कछुओं को कहां से लेकर आई थी। इस आधार पर अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली। मामला रायवाला थाना क्षेत्र का है, जहां दिसंबर माह में पति-पत्नी को कछुआ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रायवाला पुलिस ने बीते चार दिसंबर को वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से 15 कछुए बरामद करने का दावा किया था। यह कार्रवाई ऋषिकेश की ओर जा रही एक कार को रोकने के बाद की गई थी। बरामद कछुए इंडियन फ्लैपशेल टर्टल प्रजाति के बताए गए थे, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित माना जाता है।
मामले का विवरण
पुलिस के अनुसार, बाजार क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कार चालक घबरा गया और पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद जब कार की डिक्की खोली गई तो एक बोरे में 15 कछुए मिले। पुलिस ने मौके पर ही पति-पत्नी को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस ने आरोपियों की पहचान दंपती बेताब नाथ और बरखा देवी निवासी काले की ढाल, सपेरा बस्ती के रूप में की थी। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। बाद में महिला आरोपी बरखा देवी की ओर से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दायर किया गया।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करते हुए अदालत ने पाया कि पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि आरोपी महिला कछुओं को कहां से लेकर आई थी और इस संबंध में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसी आधार पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने महिला आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन्यजीव तस्करी के मामलों में जांच को और मजबूत करने की जरूरत है। कुछ सामाजिक संगठनों ने भी वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
आंकड़े / तथ्य
कार से कुल 15 कछुए बरामद होने का दावा किया गया था। मामला चार दिसंबर का बताया जा रहा है। आरोप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।
आगे क्या होगा
महिला आरोपी को जमानत मिल चुकी है, जबकि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। पुलिस की ओर से जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया जाना है, जिसके बाद अदालत में आगे की सुनवाई होगी।





