
रायवाला: देहरादून के रायवाला में जंगली सियार का आतंक फैल गया है। सियार राह चलते लोगों और घरों में घुसकर हमले कर रहा है। शनिवार को होशियारी मंदिर मोहल्ले में एक महिला और प्रतीतनगर में 85 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर सियार ने उन्हें घायल कर दिया। वन विभाग ने सियार को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है, लेकिन हमलावर सियार की पहचान करना चुनौती बना हुआ है।
सियार के हमले
जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने बताया कि सियार होशियारी मंदिर के पास खेतों की ओर जाने वाले रास्ते पर सक्रिय है। वह झाड़ियों में छिपकर राहगीरों पर हमला कर रहा है। शनिवार को सियार गौशाला में घुस गया और वहां पशुओं को चारा दे रही भवानी देवी मदवान पर हमला कर उन्हें बुरी तरह काट लिया। इससे पहले सियार ने रोशनी देवी, दीपमाला जगूड़ी, और रोशनी सेमवाल पर हमले किए।
ग्राम प्रधान राजेश जुगलान ने बताया कि प्रतीतनगर में सियार ने कैंटीन जा रहे पूर्व सैनिक चिंतामणि बलोदी (85 वर्ष) पर हमला कर घायल कर दिया। सियार ने एक बच्चे पर भी हमला किया था। 2024 की एक वन विभाग रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमलों में 15% वृद्धि हुई है, जिसमें सियार और तेंदुए शामिल हैं।
वन विभाग की कार्रवाई
राजेश जुगलान ने बताया कि पार्क निदेशक और सहायक वन संरक्षक को घटना की सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया और कई सियार देखे गए, लेकिन हमलावर सियार की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पार्क निदेशक डा. कोको रोसे ने कहा, “हमने रेंज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सियार को जल्द पकड़ा जाए।”
स्थानीय निवासी अनिल रावत ने कहा, “सियार का आतंक बढ़ गया है। बच्चे और बुजुर्ग डर के मारे घर से निकलने से कतरा रहे हैं। वन विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
चुनौतियां और चिंताएं
वन कर्मियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमलावर सियार को कैसे पहचाना जाए। क्षेत्र में कई सियार होने के कारण यह चुनौती बढ़ गई है। 2024 में उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमलों से 50 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कई मामले रायवाला जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में हुए।
दिव्या बेलवाल ने मांग की कि वन विभाग पिंजरे लगाए और सियार को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की मदद ले। उन्होंने कहा, “लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।”







