
पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग महाविद्यालय में एक संविदा शिक्षक पर छात्रा से छेड़छाड़ और व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजने का गंभीर आरोप लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज में छात्रों का आक्रोश भड़क गया और उन्होंने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कॉलेज परिसरों में महिला सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। पिथौरागढ़ के बेरीनाग क्षेत्र में यह घटना सामने आने के बाद स्थानीय छात्र संगठनों ने कॉलेज प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
इस तरह की घटनाएँ छात्रों में असुरक्षा की भावना को बढ़ाती हैं और कॉलेज प्रशासन को कठोर कदम उठाने पर मजबूर करती हैं।
अधिकारिक जानकारी
कोतवाल नरेश कुमार गंगवार ने बताया कि छात्रा के अभिभावक और छात्र संघ पदाधिकारी कोतवाली पहुंचे और शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। पुलिस ने शिक्षक को चेतावनी दी है और विभागीय कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य पूरन सिंह महरा ने बताया कि आरोपी शिक्षक संविदा पर नियुक्त है। कॉलेज प्रशासन ने मामले की जानकारी कोतवाली को दे दी है और महिला उत्पीड़न समिति गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कॉलेज में घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण रहा।
एक छात्र ने कहा, “जब सुरक्षा ही नहीं होगी, तो छात्राएं कैसे पढ़ाई करेंगी? आरोपी शिक्षक पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।”
विभिन्न छात्र संगठनों और पूर्व छात्र संघ पदाधिकारियों ने घटना की निंदा की और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना का विवरण
आरोप है कि शिक्षक ने लाइब्रेरी में छात्रा से छेड़छाड़ की और बाद में उसके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए अश्लील संदेश भेजे। छात्रा ने यह जानकारी छात्र संघ पदाधिकारियों को दी।
घटना के बाद छात्र–छात्राओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया, जिससे माहौल गहमागहमी वाला हो गया। विरोध बढ़ता देख कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया।
पुलिस शिक्षक को कोतवाली लेकर गई, जहां छात्रों ने फिर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध किया।
आगे क्या होगा
कॉलेज प्रशासन की महिला उत्पीड़न समिति जल्द ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ जांच शुरू करेगी। साथ ही पुलिस भी छात्रा और अभिभावकों से बयान लेकर स्थिति स्पष्ट करेगी।
यदि आरोप साबित होते हैं, तो शिक्षक के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है।







