
पौड़ी: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों गुलदार और भालू की बढ़ती सक्रियता से गांवों में दहशत का माहौल बना है। डांगी गांव के बच्चों के सामने रास्ते में भालू दिखने के बाद वे स्कूल जाने से डरने लगे, जिससे पढ़ाई प्रभावित होने लगी। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम अब प्रतिदिन बच्चों को सुरक्षा प्रदान करते हुए उन्हें स्कूल लाने–ले जाने का काम कर रही है, जबकि प्रशासन ने विद्यालय को अस्थायी रूप से पंचायत भवन में संचालित करने का निर्णय लिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी जिले में पिछले कई हफ्तों से गुलदार और भालू जैसे वन्यजीवों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं। पहाड़ी गांवों में अक्सर ऐसे जानवर घरों, रास्तों और स्कूलों के आसपास दिखाई देते हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना रहता है।
इसी क्रम में डांगी गांव के बच्चों के सामने स्कूल जाते समय भालू अपने शावकों के साथ दिखाई दिया, जिसके बाद वे घबराकर गांव लौट आए। घटना ने ग्रामीणों और अभिभावकों की चिंताएँ और बढ़ा दीं।
आधिकारिक जानकारी
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने वन्यजीवों की सक्रियता को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया। वन विभाग की टीम ने स्थिति को गंभीर मानते हुए बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है।
वन विभाग के कर्मचारी रोज सुबह बच्चों को गांव से स्कूल और दोपहर में स्कूल से वापस गांव तक सुरक्षित पहुंचा रहे हैं।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि पौड़ी जिले के कई इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए आवश्यकतानुसार स्कूलों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। अधिकारियों द्वारा गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बच्चों की जिंदगी खतरे में थी। “घना जंगल रास्ते में पड़ता है और गुलदार–भालू अक्सर दिख जाते हैं,” ग्रामीणों ने बताया।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए वे स्कूल को पंचायत भवन में स्थानांतरित करने के निर्णय से संतुष्ट हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि मानव–वन्यजीव संघर्ष पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। “स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित मार्ग और नियमित गश्त अत्यंत जरूरी है,” एक विशेषज्ञ ने कहा।
संख्या / डेटा
- डांगी हाईस्कूल में कुल छात्र: 6
- जिनमें डांगी गाँव: 3
- थनूल गाँव: 3
- स्कूल तक दूरी: 2–2.5 किमी
- वन्यजीव दिखने की घटनाएँ: लगातार कई दिनों से
- निर्णय: विद्यालय अस्थायी रूप से पंचायत भवन में संचालित
आगे क्या?
वन विभाग और जिला प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है। आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य विद्यालयों को भी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बोर्ड परीक्षाओं तक बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएंगी।






