
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऋषिकेश–भानियावाला में एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे फोर लेन प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित करीब 3400 पेड़ों के कटान मामले में कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों में एक भी सफल नहीं हुआ और नियमों का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए सचिव PWD को 19 दिसंबर को रिकॉर्ड सहित व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश–भानियावाला फोर लेन सड़क परियोजना लंबे समय से चर्चा में है, क्योंकि इसके लिए 3,000 से अधिक पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी। यह क्षेत्र एलीफेंट कॉरिडोर के भीतर आता है, जहां वन्यजीवों की आवाजाही निरंतर रहती है। पर्यावरण समूहों और स्थानीय संगठनों ने इसके विरोध में पहले भी अभियान चलाया था।
पेड़ों के कटान और वन्यजीवों के प्रभावित होने की चिंताओं के चलते यह मामला कई महीनों से न्यायालय में विचाराधीन है।
आधिकारिक जानकारी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि परियोजना के दौरान जिन पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया, उनमें से कोई भी जीवित नहीं रह सका। आरोप लगाया गया कि ट्रांसप्लांटेशन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं की गई।
कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सचिव PWD को 19 दिसंबर को सभी रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
यदि भविष्य में कोई टिप्पणी मिलती है तो उसे शामिल किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों के कटान से क्षेत्र के पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और हाथियों की आवाजाही बाधित होने की आशंका पहले से जताई जा रही है।
व्यापारियों ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण से ट्रैफिक का समाधान तो होगा, लेकिन इसे पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
संख्या / डेटा
- कुल चिन्हित पेड़: 3,000+
- ट्रांसप्लांट किए गए पेड़: अनेक (एक भी सफल नहीं)
- अगली सुनवाई: 19 दिसंबर
- फोर लेन परियोजना का उद्देश्य: ट्रैफिक दबाव कम करना और जाम से राहत देना
आगे क्या?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब PWD सचिव को रिकॉर्ड सहित पेश होना अनिवार्य हो गया है। कोर्ट आगे यह भी देखेगा कि ट्रांसप्लांटेशन नियमों का उल्लंघन क्यों हुआ और क्या पेड़ कटान पर रोक लगाई जा सकती है।
आगामी सुनवाई के आधार पर परियोजना की दिशा तय होगी।





