
पौड़ी जिले के डोभाल ढांडरी गांव में पिछले कई दिनों से जारी गुलदार के आतंक के बीच प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाते हुए उसे शूट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश मिलते ही वन विभाग ने विभागीय शूटर को गांव में तैनात कर दिया, जिसके बाद पांच दिन से चल रहा ग्रामीणों का धरना और हाईवे जाम समाप्त हो गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोभाल ढांडरी समेत आसपास के क्षेत्रों में कई महीनों से गुलदार की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीण दहशत में थे। महिलाओं और बुजुर्गों पर हमलों की घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर ठोस कार्रवाई का दबाव बढ़ाया। 21 नवंबर को बुजुर्ग महिला पर हुए हमले ने मामले को और गंभीर बना दिया था।
अधिकारिक जानकारी
गढ़वाल के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि वन विभाग पहले गुलदार को पिंजरे में कैद करने और ट्रैंकुलाईज करने का प्रयास कर चुका है, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की ओर से गुलदार को शूट करने के आदेश जारी किए गए। आदेश के तहत विभागीय शूटर गांव में तैनात है और टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, सुरक्षा उपाय लागू करने और जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार का आतंक इतना बढ़ गया था कि लोग घरों से अकेले बाहर निकलने में डर रहे थे।
एक ग्रामीण ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई न होने पर हमें आंदोलन करना पड़ा। अब उम्मीद है कि खतरा जल्द दूर होगा।”
घटना का विवरण
21 नवंबर को घास काटते समय एक बुजुर्ग महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने पौड़ी–श्रीनगर हाईवे जाम कर प्रशासन को 24 घंटे में कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था।
बीती दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत घायल महिला से मिलने पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों को उचित बताया।
निगरानी और सुरक्षा उपाय
क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों के जरिए गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की टीमें दिन-रात प्रभावित इलाकों में पेट्रोलिंग कर रही हैं।
कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने प्रभावित गांवों की स्थिति, हमलों के मामलों, मुआवजा वितरण और जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
महिलाओं के लिए विशेष निर्देश
डीएम ने महिलाओं से अपील की है कि चारा–पत्ती लाने के लिए समूह में जाएं और रिफ्लेक्टिंग जैकेट पहनकर निकलें, ताकि वन्यजीव उनकी उपस्थिति को तुरंत पहचान सकें।
वन विभाग को बाघ, गुलदार और भालू प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन करने और वहां सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
शूटर की तैनाती के बाद अब पूरा ध्यान गुलदार को ढूंढने और खतरों को कम करने पर है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग इसी गति से सक्रिय रहा तो जल्द ही क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौट सकती है। यदि कार्रवाई सुस्त पड़ी तो ग्रामीण आंदोलन फिर शुरू करने की चेतावनी दे चुके हैं।





