
देहरादून: ओपन एक्सेस व्यवस्था के तहत बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। विद्युत नियामक आयोग ने ऐसे उपभोक्ताओं पर 1.05 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त सरचार्ज लगाने का निर्णय लिया है। यह दर 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के लिए लागू होगी। यह सरचार्ज उस बिजली की लागत की भरपाई के लिए लगाया जाएगा, जो पहले से अनुबंधित होने के बावजूद उपयोग में नहीं लाई जा सकी। इस फैसले से औद्योगिक और बड़े उपभोक्ताओं की बिजली लागत पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ओपन एक्सेस के माध्यम से बिजली लेने वाले उपभोक्ता वितरण कंपनी के बजाय सीधे अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। ऐसे में वितरण कंपनियों को पहले से अनुबंधित बिजली का पूरा उपयोग नहीं हो पाता, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। इसी नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त सरचार्ज की व्यवस्था की जाती है।
आधिकारिक जानकारी
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अनुसार संबंधित अवधि में करीब 241.93 मिलियन यूनिट बिजली उपयोग में नहीं आ सकी। राज्य पूल पर बिजली की औसत लागत 0.91 रुपये प्रति यूनिट रही। अनुमोदित लागत को जोड़ने के बाद यह राशि 1.05 रुपये प्रति यूनिट बैठती है, जिसके आधार पर अतिरिक्त सरचार्ज तय किया गया है। इस प्रस्ताव पर हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
औद्योगिक उपभोक्ताओं का कहना है कि अतिरिक्त सरचार्ज से उनकी उत्पादन लागत बढ़ सकती है। वहीं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह कदम वितरण कंपनी की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखने के लिए जरूरी है।
आंकड़े / जानकारी
निर्धारित अवधि में 241.93 मिलियन यूनिट बिजली बची रही। औसत बिजली लागत 0.91 रुपये प्रति यूनिट रही, जबकि अनुमोदित कुल लागत 1.05 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। यह अतिरिक्त सरचार्ज केवल ओपन एक्सेस के तहत बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं पर ही लागू होगा।
आगे क्या होगा
आयोग के अनुसार हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर अंतिम निर्णय लागू किया जाएगा। निर्धारित समयावधि में सरचार्ज लागू होने के बाद इसका प्रभाव औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली दरों और ऊर्जा बाजार पर देखने को मिलेगा।







