
ऋषिकेश: गंगा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर नमामि गंगे की ओर से ऋषिकेश में बहुहितधारक कार्य समूह की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक नगर निगम परिसर में मेयर शंभू पासवान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सीवरेज उपचार, नदी तट विकास और जैव विविधता संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से गंगा नदी का प्रमुख केंद्र है। बढ़ते शहरीकरण, सीवरेज और सहायक नदियों से आने वाले दूषित जल के कारण गंगा की स्वच्छता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए नमामि गंगे योजना के तहत समय-समय पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में नगर निगम के अधिकारियों और नमामि गंगे परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट, नदी तटों के सौंदर्यीकरण और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। नमामि गंगे योजना के तहत चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सहायक नदियों में गिरने वाले दूषित जल को रोका जाए तो गंगा की स्वच्छता में बड़ा सुधार आ सकता है।
पर्यटन से जुड़े लोगों ने भी गंगा संरक्षण को ऋषिकेश की पहचान के लिए बेहद जरूरी बताया।
सहायक नदियों पर विशेष फोकस
बैठक में चंद्रभागा नदी, रंभा नदी और संजय झील सहित गंगा की सहायक जलधाराओं में प्रदूषण की समस्या पर विशेष चर्चा हुई। धिकारियों ने इन जलस्रोतों में गिरने वाले दूषित जल को रोकने और उपचार की ठोस योजना बनाने पर सहमति जताई।
आंकड़े / तथ्य
बैठक में गंगा और उसकी कई सहायक नदियों के प्रदूषण मुद्दे पर चर्चा हुई। सीवरेज उपचार और नदी तट विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। स्थानीय निकाय और परियोजना प्रतिनिधियों ने संयुक्त कार्य योजना पर मंथन किया।
आगे क्या होगा
नमामि गंगे योजना के तहत तय की गई कार्य योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। नगर निगम और संबंधित विभागों के सहयोग से सहायक नदियों में गिरने वाले दूषित जल को नियंत्रित करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।




