
नैनीताल: रामनगर गौ मांस प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने एसएसपी नैनीताल को सोमवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं। यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता नूरजहां और एक अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह मामला 23 अक्टूबर का है, जब रामनगर क्षेत्र में प्रतिबंधित मांस पकड़े जाने की सूचना के बाद भीड़ ने हंगामा किया और एक पिकअप वाहन पर हमला कर दिया। इस दौरान वाहन चालक नासिर की भीड़ ने पिटाई कर दी थी। मामले की तहरीर पीड़ित की पत्नी नूरजहां ने दर्ज कराई थी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 190 (अवैध हमला व हिंसा) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
याचिकाकर्ता का पक्ष
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि घटना के 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
“मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं,” — याचिकाकर्ता का पक्ष।
राज्य सरकार का जवाब
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 31 अभियुक्तों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 8 को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य अभियुक्त मदन जोशी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया गया है।
सरकार ने कहा कि एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश की जाएगी।
हालांकि, अदालत ने जांच की प्रगति पर असंतोष जताया और एसएसपी नैनीताल को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।
अदालत की सख्त टिप्पणी और अगली कार्रवाई
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा कि “ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है ताकि कानून व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे।” अदालत ने मामले की अगली सुनवाई में पूरी जांच रिपोर्ट और गिरफ्तारी की स्थिति पेश करने के निर्देश दिए हैं।
एक अन्य मामले में — अतिक्रमण पर स्वतः संज्ञान
उसी दिन हाईकोर्ट ने राज्यभर में सड़कों, नदी-नालों और सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर स्वतः संज्ञान भी लिया।
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि 17 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुपालन में सर्वे पूरा कर लिया गया है और अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
सरकार ने अदालत से रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने आगामी मंगलवार तक की मोहलत दी है ताकि पूरी अनुपालन रिपोर्ट पेश की जा सके।







