
मसूरी—एसडीएम राहुल आनंद ने सोमवार को आयोजित टीवीसी बैठक में साफ किया कि मसूरी की मालरोड पूरी तरह नो-वेंडिंग जोन रहेगी और किसी भी स्थिति में यहां पटरी लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही चिह्नित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक वेंडिंग जोन बनाने पर विचार हो रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मसूरी मालरोड पर्यटन का मुख्य केंद्र है और भीड़भाड़ के चलते बार-बार यातायात व सफाई संबंधी समस्याएँ पैदा होती हैं। इसी कारण प्रशासन बीते वर्षों से मालरोड को पटरी-मुक्त रखने के प्रयास कर रहा है।
TVC बैठक में एसडीएम का स्पष्ट संदेश
नगर पालिका सभागार में हुई बैठक में एसडीएम राहुल आनंद ने जोर देते हुए कहा कि मालरोड में किसी भी प्रकार की पटरी व्यापार की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन पटरी व्यवसायियों को चिह्नित किया गया है, उनके लिए वेंडिंग जोन के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
एसडीएम ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों से सुझाव भी मांगे हैं ताकि वेंडिंग जोन के लिए उपयुक्त स्थान तय किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आपत्तियाँ दर्ज कराने के लिए लोगों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। सभी सुझावों और आपत्तियों पर 9 या 10 दिसंबर को होने वाली अगली टीवीसी बैठक में निर्णय लिया जाएगा और सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अब तक का प्रशासनिक काम
प्रशासन ने 103 पटरी व्यवसायियों को चिह्नित कर लिया है, जिनमें से 72 के लिए संभावित स्थानों का चिह्नीकरण भी कर दिया गया है।
एसडीएम ने बताया कि लंढौर रोड, अटल उद्यान, मसूरी झील और अन्य उपयुक्त स्थानों पर जगह उपलब्ध होने पर वहां भी वेंडिंग जोन विकसित किए जा सकते हैं, ताकि चिह्नित व्यापारियों को व्यवस्थित तरीके से स्थान मिल सके और मालरोड पर भीड़भाड़ न बढ़े।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मालरोड पर व्यवसाय करने वाले कई व्यापारी प्रशासन के निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि पटरी हटने से पर्यटन मार्ग और अधिक सुचारु रहेगा। व्यापारिक संगठनों ने भी वैकल्पिक व्यवस्थाओं को जल्द लागू करने की मांग की है ताकि प्रभावित लोगों की आजीविका प्रभावित न हो।
आगे क्या?
अगली टीवीसी बैठक में सभी आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर वेंडिंग जोन की अंतिम सूची जारी की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि निर्णय पूरी पारदर्शिता के साथ लिया जाएगा और किसी भी व्यापारी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा।





