
मसूरी: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। शुरुआती घंटों में मसूरी समेत कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। हल्की बारिश के बाद तापमान गिरते ही मसूरी की पहाड़ियां, सड़कें और देवदार के पेड़ बर्फ की सफेद परत से ढक गए। वहीं देहरादून और अन्य निचले इलाकों में दिनभर झमाझम बारिश होती रही। अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन, पर्यटन और सोशल मीडिया गतिविधियों पर साफ दिखाई दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
इस सर्दी में लंबे समय तक अपेक्षित बर्फबारी नहीं होने से पहाड़ों में ठंड का असर सीमित रहा। पिछले वर्ष दिसंबर के आखिरी सप्ताह में हिमपात शुरू हो गया था, जबकि इस बार जनवरी के अंत में बर्फ गिरी। मौसम के इस बदलाव को सर्दियों की वास्तविक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
मसूरी से ऊंचे इलाकों तक बर्फ की सौगात
मसूरी के साथ धनोल्टी, चकराता, औली, गंगोत्री, टिहरी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। मसूरी के कंपनी गार्डन, कैम्पटी फॉल रोड और मॉल रोड के आसपास बर्फ जमने से नजारा पूरी तरह बदल गया। स्थानीय लोग और पर्यटक मौसम का आनंद लेते नजर आए।
सोशल मीडिया पर मसूरी ट्रेंड में
सुबह से ही इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर बर्फबारी से जुड़े वीडियो और रील्स तेजी से साझा होते रहे। ड्रोन से शूट किए गए वीडियो में मसूरी की घाटियां बर्फ से ढकी दिखीं। #MussoorieSnowfall, #UttarakhandWinter और #HillStationVibes जैसे हैशटैग ट्रेंड करते नजर आए, जिससे मसूरी दिनभर चर्चा में रही।
देर से हुई बर्फबारी पर सैलानियों की प्रतिक्रिया
पर्यटकों का कहना है कि इस वर्ष बर्फबारी का इंतजार काफी समय से था। देर से ही सही, लेकिन जैसे ही बर्फ गिरी, ठंड और इंतजार दोनों की थकान खुशी में बदल गई। कई सैलानियों ने बताया कि हिमपात ने मसूरी का आकर्षण एक बार फिर लौटा दिया है।
पर्यटन कारोबार में लौटी रौनक
बर्फबारी से होटल कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों में उत्साह देखा गया। व्यवसायियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है। प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों से सावधानी बरतने की अपील की है।






