
मसूरी: देहरादून जिले की पर्यटन नगरी मसूरी की ऐतिहासिक और पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय कैमल बैक रोड के पुनर्निर्माण की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। लंबे समय से सड़क की जर्जर हालत और कार्य में हो रही देरी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बीते दिन एडीएम फाइनेंस केके मिश्रा के नेतृत्व में सभी संबंधित विभागों ने संयुक्त निरीक्षण किया। प्रशासन का कहना है कि धनराशि स्वीकृत होते ही करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
कैमल बैक रोड मसूरी की पहचान मानी जाती है और यह वर्षों से मॉर्निंग वॉक और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रही है। समय के साथ सड़क की हालत खराब होती गई, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नगर पालिका की ओर से पहले ही इसके पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की जा चुकी थी, लेकिन विभिन्न स्तरों पर आपत्तियों के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि पालिका द्वारा कैमल बैक रोड के पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच लगाने को लेकर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई थी, जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी थी। हालांकि वित्त विभाग की आपत्तियों के कारण परियोजना अटक गई थी।
पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी के लगातार प्रयासों के बाद अब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के बाद परियोजना की संशोधित रिपोर्ट तैयार कर दोबारा शासन को भेजी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमल बैक रोड की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा की आवाजाही और पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ रहा था। लोगों को उम्मीद है कि पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने से मसूरी की खूबसूरती और सुविधाओं में सुधार होगा और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
आंकड़े और तथ्य
करीब तीन किलोमीटर लंबी कैमल बैक रोड के मौजूदा हालात का संयुक्त निरीक्षण किया गया, जिसमें नगर पालिका, वन विभाग, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, खनन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने सड़क के पुनर्निर्माण के साथ-साथ सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर मंथन किया।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार संशोधित डीपीआर शासन को भेजे जाने के बाद धनराशि की स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि परियोजना के पूरा होने से मसूरी की ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन आकर्षण दोनों को मजबूती मिलेगी।
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