
देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी और आसपास के इलाकों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए शुक्रवार को छरबा और शेरपुर सेलाकुई क्षेत्र में लगभग 25 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से विकसित करने के लिए ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून और इसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में अवैध प्लॉटिंग और अनियोजित निर्माण तेजी से बढ़े हैं। बिना अनुमति और नियोजन के बनाई जा रही कॉलोनियाँ न केवल शहर की संरचना को प्रभावित करती हैं, बल्कि आने वाले समय में पेयजल, परिवहन, सीवरेज और मूलभूत सुविधाओं पर भी बोझ बढ़ाती हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए एमडीडीए ने हाल ही में अवैध विकास के खिलाफ अभियान तेज किया है।
आधिकारिक जानकारी
एमडीडीए की टीम ने शनिवार को होरोवाला रोड, छरबा क्षेत्र में लगभग 5 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया। इसके साथ ही शेरपुर सेलाकुई में करीब 20 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जिसका ध्वस्तीकरण किया गया।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण शहर के भविष्य को अव्यवस्थित करते हैं और नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का लक्ष्य राजधानी को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अवैध प्लॉटिंग हटाए जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई कि इस तरह की गतिविधियों में कई बार भोले-भाले लोग निवेश कर बैठते हैं और बाद में भारी नुकसान उठाना पड़ता है। लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों पर पहले से जागरूकता और सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि कोई भी अनजाने में अवैध कॉलोनी खरीदने का शिकार न बने।
आगे क्या?
एमडीडीए ने साफ किया है कि शिमला बाईपास, विकसित नगर, सहस्रधारा रोड, रायवाला, सेलाकुई और अन्य विस्तार क्षेत्रों में भी नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी अवैध विकास पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है।
प्राधिकरण की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्लॉट या संपत्ति को खरीदने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता जरूर जांच लें।







