
देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने जांच को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। करीब 800 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में अब सीबीआई ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर निवेशकों के लिए एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि प्रदेशभर में ठगे गए लोग अपनी शिकायतें, निवेश से जुड़े दस्तावेज और जानकारियां एक ही मंच पर दर्ज कर सकें। इस पर राज्य सरकार ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
LUCC यानी लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी प्रकरण लंबे समय से निवेशकों और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इस मामले में राज्य की सीबीसीआईडी और पुलिस जांच से असंतुष्ट निवेशकों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद यह मामला नैनीताल हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां से सीबीआई जांच के आदेश दिए गए।
आधिकारिक जानकारी
सीबीआई ने अपने पत्र में उत्तराखंड सरकार से कहा है कि LUCC द्वारा ठगे गए सभी निवेशकों के लिए एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए। इस पोर्टल के जरिए पीड़ित अपनी शिकायतें, निवेश के प्रमाण और अन्य दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।
राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग ने सहकारिता विभाग को पत्र लिखकर पोर्टल तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पीड़ित निवेशकों का कहना है कि अब तक उन्हें अलग-अलग थानों और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
उनका मानना है कि एक ही मंच पर शिकायत दर्ज होने से न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि उनकी बात सीधे जांच एजेंसी तक पहुंचेगी।
आंकड़े / तथ्य
LUCC घोटाले की अनुमानित राशि: करीब 800 करोड़ रुपये
निवेशकों की अनुमानित संख्या: 1.5 लाख से अधिक
प्रदेश के 9 जिलों में दर्ज मुकदमे: कुल 18
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर: 18
आरोपी बनाए गए लोग: 46
आगे क्या होगा
पोर्टल तैयार होने के बाद निवेशक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। सीबीआई का फोकस पूरे राज्य से अधिकतम पीड़ितों का डेटा जुटाकर धनराशि, जिम्मेदार व्यक्तियों और पैसों के लेनदेन के नेटवर्क को उजागर करने पर रहेगा। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।







