
पौड़ी जिले के लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स मुख्यालय में शनिवार को भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ, जहां 31 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 464 अग्निवीर विधिवत रूप से भारतीय सेना का हिस्सा बने। अनुशासन, परंपरा और देशभक्ति के इस अद्भुत संगम ने पूरे परेड ग्राउंड का वातावरण देशप्रेम से भर दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गढ़वाल राइफल्स भारतीय सेना की प्रतिष्ठित रेजिमेंट मानी जाती है, जिसका इतिहास वीरता, अनुशासन और बलिदान से भरा हुआ है। हर वर्ष पासिंग आउट परेड इस गौरवशाली विरासत को नई ऊर्जा देती है। इस बार अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षण पाने वाले अग्निवीर भी पहली बार बड़ी संख्या में रेजिमेंट का हिस्सा बने।
परेड का विस्तृत आयोजन
लैंसडाउन स्थित नायक भवानी दत्त जोशी वीर चक्र परेड ग्राउंड पर हुई इस परेड की सलामी समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण करते हुए सभी जवानों को राष्ट्र सुरक्षा के प्रति समर्पण और अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा दी।
परेड के दौरान अग्निवीरों ने सटीक ड्रिल, तालमेल और युद्धक कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी मार्चपास्ट और कदमताल ने पूरे मैदान में जोश का संचार कर दिया। परेड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से लगातार गूंजता रहा।
समारोह में पहली बार रेजिमेंट की परंपरा के अनुसार पंडित, मौलवी और पादरी की मौजूदगी में अग्निवीरों ने अपने-अपने धर्मग्रंथों पर हाथ रखकर गोपनीयता और सेवा की शपथ ली।
स्थानीय प्रतिक्रिया
इस समारोह में उत्तरकाशी, टिहरी और जौनसार-बावर सहित कई क्षेत्रों से पहुंचे परिजन अपने पारंपरिक परिधानों में दिखे। इससे परेड ग्राउंड में लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी देखने को मिली।
परिजनों ने कहा कि अपने बेटों को सेना की वर्दी में देखकर गर्व से मन भर आया।
अभिभावकों ने गढ़वाल राइफल्स की प्रशिक्षण गुणवत्ता और अनुशासन की परंपरा की भी सराहना की।
परिजनों का सम्मान
समारोह के दौरान अग्निवीरों के माता-पिता और अभिभावकों को “गौरव पदक” प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच पर सम्मान ग्रहण करते समय अभिभावकों के चेहरे पर उभरती खुशी और गर्व की झलक हर किसी को भावुक कर रही थी।
प्रशिक्षण और तैयारियाँ
सभी 464 अग्निवीरों ने 31 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण पूरा किया है, जिसमें शारीरिक क्षमता, हथियार संचालन, क्षेत्रीय युद्ध कौशल, अनुशासन और सैन्य परंपरा का विशेष प्रशिक्षण शामिल रहा।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद अब ये सभी जवान विभिन्न सैन्य इकाइयों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।
आगे क्या?
परेड के बाद सेना में शामिल हुए जवानों ने अपने परिवारों से मुलाकात की और रेजिमेंटल सेंटर द्वारा आगे की तैनाती और प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी गई। आने वाले दिनों में अग्निवीरों को सेना की विभिन्न यूनिटों में भेजा जाएगा।






