
ऋषिकेश: नगर पालिका मुनि की रेती–ढालवाला और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र के लंबे समय से बदहाल पड़े गंगा घाटों का कायाकल्प अब कुंभ मेला बजट से किए जाने की तैयारी है। सिंचाई विभाग ने करीब 12 से अधिक घाटों के मरम्मतीकरण और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव कुंभ मेले के लिए भेज दिया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इन घाटों पर हर कुंभ और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान हजारों देशी-विदेशी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मुनि की रेती–ढालवाला और स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र के कई प्रमुख घाट वर्षों से जीर्णशीर्ण स्थिति में हैं। समय-समय पर स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों की ओर से मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों की मांग उठती रही है। कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अब स्थायी समाधान की दिशा में पहल की है।
आधिकारिक जानकारी
सिंचाई विभाग ने कुंभ मेले में मरम्मत और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भेजा है। इसके तहत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र के वेद निकेतन, वानप्रस्थ, भारत साधु समाज, गीताभवन नंबर एक व तीन, लक्ष्मीनारायण, नावघाट, गंगा चौक, सीता घाट, भागीरथी, संत सेवा, किरमोला और बॉम्बे घाट शामिल हैं। वहीं मुनि की रेती ढालवाला क्षेत्र में पूर्णानंद घाट, शत्रुघ्न घाट, हनुमान घाट और दर्शन महाविद्यालय घाट को भी योजना में शामिल किया गया है।
प्रस्ताव को लेकर सिंचाई विभाग ने आवश्यक तकनीकी आकलन पूरा कर लिया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हैं और रात के समय प्रकाश की कमी से खतरा बढ़ जाता है।
श्रद्धालुओं ने बताया किमहिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और रेलिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने से परेशानी होती है।
समस्याएं जो चिन्हित की गईं
घाटों पर लोहे की जंजीरें कई जगह से गायब हैं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के चेंजिंग रूम उपलब्ध नहीं हैं। पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है और टाइल्स जगह-जगह से उखड़ी हुई हैं।
संख्या / तथ्य
प्रस्ताव में 12 से अधिक बदहाल घाट शामिल किए गए हैं। कुंभ मेले के दौरान हजारों श्रद्धालु इन घाटों पर स्नान करते हैं।
आगे क्या होगा
वित्तीय स्वीकृति मिलते ही घाटों के मरम्मतीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसमें सुरक्षा रेलिंग, प्रकाश व्यवस्था, चेंजिंग रूम और फर्श सुधार जैसे कार्य शामिल होंगे, ताकि कुंभ मेले से पहले घाट सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकें।
बदहाल घाटों के निर्माण के लिए कुंभ मेले में प्रस्ताव भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही घाटों का निर्माण कार्य शुरू होगा। – एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान







