
कोटद्वार से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात लीडिंग फायरमैन को विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फायरमैन एक स्कूल की फायर एनओसी जारी कराने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाकर कार्रवाई की। इस घटना के बाद फायर विभाग में हड़कंप मच गया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
जानकारी के अनुसार, आरोपी लीडिंग फायरमैन रणधीर सिंह कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात था। आरोप है कि उसने एक स्कूल प्रबंधन से फायर एनओसी जारी करने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी। एनओसी से जुड़ा मामला होने के कारण शिकायतकर्ता लंबे समय से परेशान था और आखिरकार उसने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल जैसी संस्थाओं से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी बेहद गंभीर है। लोगों ने विजिलेंस की कार्रवाई को सराहा और कहा कि इससे सरकारी विभागों में पारदर्शिता का संदेश जाएगा।
आगे क्या होगा
विजिलेंस की ओर से आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह के मामलों में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल रहे हैं। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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