
कीर्तिनगर: टिहरी जिले के कीर्तिनगर क्षेत्र में अलकनंदा नदी के किनारे सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। पूजा के दौरान एक महिला नदी में फिसलकर बह गई, जिसे बचाने उतरा युवक भी तेज धार में फंस गया। दोनों देखते ही देखते पानी में ओझल हो गए। फिलहाल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें सर्च अभियान चला रही हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जानकारी के अनुसार यह हादसा कीर्तिनगर के ढूंढ प्रयाग घाट पर हुआ। पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के जबरौली गांव से करीब 15–16 श्रद्धालु सोमवार को पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंचे थे। पूजा संपन्न होने के बाद सभी लोग अलकनंदा नदी में स्नान कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
घटना का क्रम
दोपहर लगभग 12:15 बजे पूजा में शामिल आशा देवी अचानक फिसलकर नदी के गहरे पानी में चली गईं। उन्हें बचाने के लिए जसवंत सिंह नामक व्यक्ति नदी में कूद पड़े, लेकिन तेज बहाव के कारण वे भी बाहर नहीं निकल पाए। दोनों कुछ ही क्षणों में लापता हो गए।
मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों को बहाव में संघर्ष करते देखा गया, लेकिन नदी का वेग इतना तेज था कि कोई उन्हें बचा नहीं सका।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कीर्तिनगर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ श्रीनगर यूनिट को भी बुलाया गया। एसडीआरएफ टीम ने तुरंत सर्च अभियान शुरू किया। हालांकि, नदी का बहाव तेज होने और स्थल की भौगोलिक कठिनाइयों के चलते अब तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
स्थानीय और मानवीय प्रतिक्रिया
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि “दोनों श्रद्धालु पूजा के बाद स्नान कर रहे थे, तभी अचानक फिसलने से यह हादसा हो गया।”
स्थानीय लोगों ने कहा कि ढूंढ प्रयाग घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं हैं और नदी के पास चेतावनी पट्टिकाएँ भी नहीं लगी हैं।
एसडीआरएफ की टीम का प्रयास जारी
एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें देर शाम तक लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी रहीं। टीमों ने नदी के किनारे से लेकर डाउनस्ट्रीम तक तलाश की, लेकिन अंधेरा और तेज जलधारा के कारण ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है। प्रशासन ने कहा है कि मंगलवार सुबह फिर से खोजबीन जारी की जाएगी।
अधिकारी टिप्पणी
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है। फिलहाल दोनों लापता श्रद्धालुओं की खोज में कोई सफलता नहीं मिली है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।






