
देहरादून: देहरादून में बुधवार को कौशल विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति और प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में इस बात पर गंभीर चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई और तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उन्हें संतोषजनक वेतन और स्थायी प्लेसमेंट क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, विभागीय समन्वय और प्लेटफॉर्म स्तर की कमी बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बैठक में यह विरोधाभास सामने आया कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री और कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर आईटीआई और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कई युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति को तकनीकी, शिक्षा, कौशल और संबंधित विभागों के बेहतर तालमेल से ही दूर किया जा सकता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुसार रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बेसिक स्किल वर्कर, मध्यम तकनीकी वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के लिए एक समेकित मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कौशल प्रशिक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशिक्षण के साथ रोजगार की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित हो, तो युवाओं का भरोसा बढ़ेगा और पलायन जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
आंकड़े और तथ्य
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से जोड़ा जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो सके। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समय के अनुसार संशोधित करने और 6 माह, मध्यम अवधि तथा दीर्घकालिक—तीनों स्तरों पर ठोस परिणाम सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
विदेशों में रोजगार या स्वरोजगार के लिए चयनित युवाओं को संबंधित देशों की गाइडलाइंस साझा करने और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों से अपेक्षा की जा रही है कि वे उद्योगों के साथ तालमेल बढ़ाकर मांग आधारित कौशल विकास मॉडल लागू करेंगे। इससे प्रशिक्षित युवाओं को समय पर रोजगार और बेहतर वेतन मिलने की संभावना बढ़ेगी।
बैठक में दिए गए सुझाव
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण प्रक्रिया में भागीदार बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम निर्धारण में शामिल होंगे, तो युवाओं को उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुसार तैयार किया जा सकेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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