
रुद्रपुर से जुड़े काशीपुर निवासी 40 वर्षीय किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में प्रशासन और पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू करते हुए आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो में लिए गए नामों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, थाना आईटीआई में दर्ज मुकदमे में 26 लोगों के खिलाफ एसएसपी ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि वीडियो को साक्ष्य मानते हुए पीड़ित परिवार ने कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
10–11 जनवरी की रात पेंगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले किसान ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, जिसमें निजी व्यक्तियों के साथ-साथ सरकारी तंत्र से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए। घटना के बाद हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई।
आधिकारिक जानकारी
उधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले को गंभीर मानते हुए थाना आईटीआई में दर्ज मुकदमे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी की कमान एसपी क्राइम आईपीएस निहारिका तोमर को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और कानून सम्मत तरीके से की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान की मौत ने कर्ज और कथित उत्पीड़न जैसे मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
आंकड़े / तथ्य
इस प्रकरण में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन के साथ 12 जनवरी को हुई बैठक के बाद थाना आईटीआई के एसओ और एक उप निरीक्षक को निलंबित किया गया, जबकि पेंगा चौकी इंचार्ज सहित 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
एसआईटी आत्महत्या के हर पहलू की करेगी जांच
मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है, जिसमें अनुभवी विवेचक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं, ताकि साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण हो सके।
जांच के लिए गठित एसआईटी टीम में शामिल अधिकारी:
निरीक्षक रवि कुमार सैनी (प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली कुंडा) – विवेचक
निरीक्षक हरेंद्र चौधरी (प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली काशीपुर) – सदस्य
निरीक्षक जसवीर चौहान (प्रभारी, एसओजी उधम सिंह नगर) – सदस्य
उप निरीक्षक चंदन सिंह बिष्ट (प्रभारी चौकी कुंडेश्वरी, काशीपुर) – सदस्य
उप निरीक्षक हरविंदर कुमार (कोतवाली कुंडा) – सदस्य
मुख्य आरक्षी विनय यादव (एसओजी काशीपुर) – सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण
आरक्षी भूपेंद्र आर्या (एसओजी रुद्रपुर) – तकनीकी जांच
मजिस्ट्रेट जांच पर क्या बोले कुमाऊं कमिश्नर
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि वीडियो में जिन-जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर अन्य व्यक्तियों को भी बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकरण से जुड़ी सूचना देना चाहता है तो वह कार्य दिवस में कार्यालय में उपस्थित होकर या दूरभाष एवं ईमेल के माध्यम से जानकारी साझा कर सकता है।
आगे क्या होगा
मजिस्ट्रेट जांच और एसआईटी की समानांतर कार्रवाई के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। प्रशासन का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।







