
धर्म डेस्क: कई बार घर की दीवारों की दरारों, छत के कोनों या सीलन वाली जगहों पर पीपल का छोटा पौधा अपने आप उग आता है। अक्सर लोग इसे मामूली पौधा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या बिना किसी धार्मिक विधि के किसी भी दिन इसे उखाड़ देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार घर में उगा पीपल साधारण पौधा नहीं माना जाता। गलत तरीके और गलत समय पर इसे हटाना घर में मानसिक अशांति, धन हानि और पितृदोष जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
घर में या छत पर उगा पीपल क्यों माना जाता है अशुभ
शास्त्रों में पीपल वृक्ष को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। इसका संबंध पितरों और देवताओं से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल का वृक्ष मंदिर परिसर, नदी या तालाब के किनारे अथवा सार्वजनिक स्थानों पर हो तो शुभ फल देता है।
लेकिन यदि यही पीपल घर के भीतर, दीवारों या छत पर अपने आप उग आए, तो इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता। मान्यता है कि ऐसा पीपल पितृदोष का संकेत हो सकता है, जिसके कारण परिवार में तनाव, धन संबंधी रुकावटें और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बिना विधि के पीपल हटाना क्यों होता है हानिकारक
घर में अपने आप उगा पीपल न तो शुभ माना जाता है और न ही इसे सामान्य पौधे की तरह काटना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार बिना पूजा और संकल्प के पीपल को हटाने से पितृदोष और अधिक सक्रिय हो सकता है। इसलिए सबसे पहले किसी योग्य ब्राह्मण से सलाह लेकर विधिवत पूजा कराना आवश्यक माना गया है।
संकल्प और पूजा का महत्व
पीपल हटाने से पहले विशेष पूजा कराई जाती है, जिसमें पितरों की शांति और पितृदोष निवारण का संकल्प लिया जाता है। संकल्प के दौरान यह भाव रखा जाता है कि यह कार्य किसी अनादर या क्रोध से नहीं, बल्कि पितरों की मुक्ति और घर की शांति के उद्देश्य से किया जा रहा है।
पीपल हटाने का सही दिन और समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार और शनिवार को पीपल का पौधा नहीं हटाना चाहिए, क्योंकि ये दिन पीपल वृक्ष से विशेष रूप से जुड़े माने जाते हैं।
पीपल हटाने के लिए रविवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन पूजा के बाद श्रद्धा और सावधानी के साथ पौधे को जड़ सहित निकालना चाहिए।
नए साल से पहले क्यों माना जाता है शुभ
यदि आपके घर की दीवार या छत पर पीपल का पौधा उग आया है, तो नए साल से पहले इस धार्मिक प्रक्रिया को सही विधि से पूरा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितृदोष शांत होता है और घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता बनी रहती है।







