
हरिद्वार: प्रेमनगर आश्रम के पास फ्लाईओवर पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें तेज रफ्तार कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक कार चालक और दो मजदूर शामिल हैं, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक का हायर सेंटर में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार-दून हाईवे पर इन दिनों मरम्मत का कार्य जारी है, जिसके चलते रात के समय मजदूर फ्लाईओवर और साइड पैचिंग का काम कर रहे हैं। भारी ट्रैफिक और तेज रफ्तार वाहनों के कारण मरम्मत स्थल पर कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने इस क्षेत्र में कई बार अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी उठाई है।
आधिकारिक जानकारी
बुधवार देर रात प्रेमनगर आश्रम के पास मजदूर सड़कों की मरम्मत कर रहे थे। हाईवे के किनारे एक जनरेटर भी रखा हुआ था। इसी दौरान देहरादून से हरिद्वार की ओर आ रही तेज रफ्तार बलेनो कार ने अचानक किनारे खड़े जनरेटर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कार चालक 20 वर्षीय अर्पित सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में जनरेटर के पास खड़े दो मजदूर भी कार की चपेट में आ गए।
मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही कनखल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में एक मजदूर को डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया, जिसकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी राजू राय पुत्र वीरेंद्र राय के रूप में हुई। दो अन्य घायलों को गम्भीर अवस्था में हायर सेंटर रेफर किया गया।
गुरुवार दोपहर एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान तीसरे मजदूर अजब सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वह भी पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। कनखल थाना प्रभारी मनोहर रावत ने बताया कि सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं और मजदूरों की तैनाती व सुरक्षा संबंधी जानकारी एनएच अधिकारियों से जुटाई जा रही है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय हाईवे पर वाहन तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जबकि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत पर्याप्त नहीं होते। मजदूरों ने भी कई बार काम के दौरान खतरे की स्थिति का जिक्र किया था। हादसे के बाद मजदूरों में दहशत फैल गई है और वे सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
मृतक कार चालक अर्पित सैनी और उसके साथी रहमान के गांवों में भी मातम पसरा हुआ है। परिवार का कहना है कि युवकों ने कभी नहीं सोचा था कि एक साधारण सफर इस तरह बड़े हादसे में बदल जाएगा। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि अर्पित और रहमान किसी पार्टी से घर लौट रहे थे और रास्ते में हादसे का शिकार हो गए।
विशेष घटनाक्रम
दुर्घटनास्थल पर मिले निशानों से स्पष्ट है कि कार तेज रफ्तार में थी और ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। टक्कर के बाद जनरेटर कुछ दूरी तक घिसटता हुआ गया, जिससे मजदूरों को चोटें आईं। रहमान को गम्भीर स्थिति में देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
आगे क्या?
पुलिस अब दुर्घटना के विस्तृत कारणों की जांच कर रही है। हाईवे मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसका भी परीक्षण किया जा रहा है। मजदूरों के बयान और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।






