
हरिद्वार के रोड़ीबेलवाला में शुक्रवार को आयोजित रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ मेले की तैयारियों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर निर्माण कार्यों में लापरवाही पाई गई तो “अब मछलियों नहीं, मगरमच्छ पर कार्रवाई होगी।” सीएम ने अधिकारियों को सचेत किया कि प्रदेश सरकार के लिए कुंभ मेले का सफल आयोजन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में 2025 में होने वाला कुंभ मेला प्रदेश की धार्मिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन है। हरिद्वार में इसके लिए घाटों, सड़कों और यातायात व्यवस्था से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। हाल ही में कुछ नए घाटों के निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिन्हें लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंभ मेले के निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जो भी अधिकारी गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कर पाएंगे, उन्हें खुद तय करना होगा कि वे आगे कहां रहना चाहते हैं।”
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि राज्य के विकास कार्य जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ ही पूरे होंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के बयान का स्वागत किया और कहा कि कुंभ मेले जैसी भव्य धार्मिक परंपरा के लिए गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। एक व्यापारी ने कहा, “हरिद्वार में मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं। अगर समय से तैयारी नहीं हुई, तो शहर पर दबाव बढ़ेगा।”
रोपवे प्रोजेक्ट पर मुख्यमंत्री का अपडेट
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मां मनसा देवी मंदिर से मां चंडी देवी मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे सेवा पर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा “जल्द शुरू होगी” और इसके लिए पूरी योजना तैयार की जा चुकी है। यह प्रोजेक्ट करीब एक दशक से लंबित है, जिसमें अब तक विभिन्न एजेंसियों ने अध्ययन और सर्वे के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और हरिद्वार की पर्यटन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
आंकड़े और स्थिति
सूत्रों के अनुसार, कुंभ मेले से जुड़े निर्माण कार्यों की कुल लागत सैकड़ों करोड़ रुपये की है। प्रशासन ने अब तक 50 प्रतिशत कार्यों का निरीक्षण पूरा कर लिया है।
आगे क्या होगा
सीएम धामी के निर्देश के बाद संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है। प्रशासन ने निर्माण स्थलों की जांच शुरू कर दी है और जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उनके लिए नई समय-सीमा तय की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि कुंभ से पहले सभी विकास कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हो जाएं।







