
हरिद्वार — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार स्थित प्राचीन दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद साधु-संतों से संवाद किया और आध्यात्मिक विषयों के साथ-साथ भविष्य की धार्मिक गतिविधियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा आस्था, संवाद और आगामी आयोजनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार को भगवान शिव की नगरी के रूप में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। दक्षेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख शिवालयों में गिना जाता है, जहां देश-प्रदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री का यहां आगमन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का पूजन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि महादेव की नगरी में आकर आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने साधु-संतों से संवाद किया और राज्य की समृद्धि, शांति और सामाजिक सौहार्द पर चर्चा की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का मंदिर में पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए उत्साह का विषय रहा। लोगों ने इसे प्रदेश की धार्मिक परंपराओं के सम्मान के रूप में देखा और कहा कि ऐसे दौरों से धार्मिक स्थलों के महत्व को और बल मिलता है।
2027 कुंभ को लेकर मंथन
मुख्यमंत्री ने साधु-संतों के साथ 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले को लेकर भी विचार-विमर्श किया। चर्चा के दौरान धार्मिक व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की व्यापक तैयारी जैसे विषयों पर मंथन हुआ। इसे आगामी कुंभ की प्रारंभिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे क्या?
प्रशासनिक स्तर पर 2027 कुंभ मेले की तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद साधु-संतों से मिले सुझावों को भविष्य की योजना में शामिल किए जाने की संभावना है।





