
हरिद्वार: हरिद्वार में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद बुधवार को सप्तऋषि फ्लाईओवर पर बड़ा हादसा हो गया। भूपतवाला निवासी 25 वर्षीय युवक करण शर्मा बाइक से घर लौटते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां वह गंभीर स्थिति में इलाजरत है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार में चाइनीज मांझे की बिक्री और प्रयोग पर लंबे समय से प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद शहर में खुले तौर पर मांझा बिकने की शिकायतें मिलती रही हैं। तेज और कटीले धागों से अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि पक्षियों की मौत के मामले भी सामने आए हैं। बुधवार का हादसा फिर यही सवाल खड़ा करता है कि प्रतिबंध के बावजूद इस खतरनाक मांझे की बिक्री आखिर कैसे जारी है।
आधिकारिक जानकारी
जानकारी के अनुसार, करण शर्मा बुधवार दोपहर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सप्तऋषि फ्लाईओवर पर पहुंचे, अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। मांझे के तेज कांचनुमा धागे से उनकी गर्दन कट गई और वे मौके पर ही बाइक से गिर पड़े।
स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें हरिद्वार के प्रेम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, करण शर्मा की गर्दन पर कई गहरे घाव आए हैं और कई टांके लगाने पड़े। राहत की बात यह है कि मांझे से उनकी सांस नली प्रभावित नहीं हुई, वरना दुर्घटना और गंभीर हो सकती थी।
अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज मांझा बेहद तेज और खतरनाक होता है, जो हल्की सी रफ्तार में भी सीधे त्वचा को काट देता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
फ्लाईओवर पर मौजूद लोगों ने कहा कि हादसे के बाद कुछ देर तक अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद मांझा बेचने वालों पर सख्त निगरानी नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। राहगीरों ने मांग की कि प्रशासन इस बार कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
प्रशासन की कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हादसे की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को शहरभर में चाइनीज मांझे की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझा बेचने वाले किसी भी दुकानदार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस और नगर निगम संयुक्त रूप से अभियान चलाकर बाजारों में छापेमारी करें और जब्त किए गए मांझे को नष्ट किया जाए।
अगला कदम / आगे क्या
पुलिस अब बाजारों, पतंग दुकानों और अस्थायी ठेलों पर निगरानी बढ़ाएगी। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में नियमित कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी तरह की ढिलाई से ऐसे हादसे फिर न हों।
हादसे के बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी दुकानों की निगरानी रखने और संदिग्ध बिक्री की सूचना प्रशासन को देने की अपील की है।






