
हरिद्वार: शिवालिक नगर स्थित प्राइवेट बैंक में करोड़ों रुपये के अनधिकृत लेनदेन का मामला सामने आया है। कई ग्राहकों की शिकायतों के बाद बैंक में हुई आंतरिक जांच में एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार में हाल के वर्षों में वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। इस बार मामला शिवालिक नगर के एक प्रतिष्ठित प्राइवेट बैंक से जुड़ा है, जहां खाताधारकों के बड़े लेनदेन बिना जानकारी के होने से बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठे हैं।
अधिकारिक जानकारी
शाखा प्रबंधक नवल जोशी ने बताया कि पिछले दिनों कई ग्राहकों ने अपने खातों से भारी राशि के लेनदेन पर आपत्ति जताई थी। ग्राहकों का दावा था कि उन्होंने ऐसे किसी लेनदेन की अनुमति नहीं दी थी। शिकायतों के आधार पर बैंक ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि कई खातों से हुए लेनदेन संदिग्ध थे और इनमें एक कर्मचारी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। बैंक प्रबंधन ने मामला रानीपुर कोतवाली में दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार अनधिकृत लेनदेन इस प्रकार सामने आए:
– कुंदन सिंह नेगी के खाते से 16 लाख रुपये
– विपिन कुमार के खाते से 46,94,635 रुपये
– अंशुल शर्मा के खाते से 61,350 रुपये
– पूनम शर्मा के खाते से 7,12,475 रुपये
– महेश कुमार टोलिया के खाते से 10 लाख रुपये
– पूनम गुप्ता के खाते से 17 लाख रुपये
– अनुज भटनागर के खाते से 7 लाख रुपये
कुल मिलाकर 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
शहर के बैंक ग्राहकों में इस घटना के बाद चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि बैंकिंग सुरक्षा को कड़ा किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कुछ ग्राहकों ने बताया कि खाते में लेनदेन अलर्ट समय पर नहीं मिलते, जिससे धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ जाता है।
पुलिस की कार्रवाई
रानीपुर कोतवाली प्रभारी शांति कुमार गंगवार ने बताया कि बैंक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि “जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
आगे क्या?
बैंक और पुलिस दोनों इस मामले की गहन जांच में जुटे हैं। संदिग्ध कर्मचारी की भूमिका की पुष्टि होने पर गिरफ्तारी भी संभव है। प्रशासन ने लोगों से अपने बैंक खातों की नियमित निगरानी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।






