
हरिद्वार। सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने की होड़ में हरकी पैड़ी जैसी संवेदनशील धार्मिक जगह की मर्यादा से खिलवाड़ करना दो युवकों को भारी पड़ गया। अरबी वेशभूषा पहनकर खुद को शेख बताकर वीडियो बनाने वाले दोनों युवकों को पुलिस ने भ्रम फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखना सर्वोपरि है और इस तरह की हरकतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों युवकों ने जानबूझकर हरकी पैड़ी जैसे भीड़भाड़ और धार्मिक रूप से संवेदनशील स्थल को चुना, ताकि वीडियो को अधिक व्यूज मिल सकें। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसे लेकर आपत्तियां उठीं और पुलिस को सूचना मिली।
आधिकारिक जानकारी
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का भ्रम फैलाना या मर्यादा भंग करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरकी पैड़ी जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह के वीडियो से गलत संदेश जाता है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है।
पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा सर्वोपरि है। आरोपियों को भविष्य में ऐसी हरकत न दोहराने की सख्त हिदायत दी गई है और चेतावनी के साथ विधिक कार्रवाई की गई है।
आरोपी कौन हैं
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान नवीन कुमार पुत्र मुन्ना, निवासी रावली महदूद, और प्रिंस पुत्र सोमपाल, निवासी बिजनौर (वर्तमान पता रावली महदूद) के रूप में हुई है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री बनाकर धार्मिक स्थलों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।







